Fast Track Special Court Sonipat: पानीपत में किराए के कमरे में रखकर 3 महीने तक किया था रेप, अदालत ने सुनाई कड़ी सजा

सोनीपत की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को सुनाई 20 साल की कठोर कैद और 53 हजार का जुर्माना।
 
Pramod Avinash case Haryana

सोनीपत : नाबालिगा को बहला-फुसलाकर पानीपत ले जाने और वहां किराए के कमरे में करीब 3 महीने तक रखकर दुष्कर्म करने के मामले में फास्ट ट्रैक स्पैशल कोर्ट ने दोषी को 20 साल कठोर कैद की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र की अदालत ने दोषी प्रमोद उर्फ अविनाश उर्फ अवि पर 53,000 रुपए जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर उसे 8 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। अदालत ने जुर्माने की राशि में से 45,000 रुपए पीड़िता को मानसिक क्षति के मुआवजे के तौर पर देने के आदेश दिए हैं।

मामले के अनुसार 29 अक्तूबर 2024 को उक्त 15 वर्षीय किशोरी घर से कहीं निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने 31 अक्तूबर 2024 को कुंडली थाने में शिकायत दी। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 140 (3) के तहत अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान 25 जनवरी 2025 को पुलिस ने किशोरी को
पानीपत की बिशन स्वरूप कॉलोनी, हरिनगर स्थित किराए के कमरे से बरामद किया।

किशोरी के न्यायालय के समक्ष बयान दर्ज करवाए गए। उसने पुलिस और अदालत को बताया कि आरोपी प्रमोद उसे पानीपत ले गया था और किराए के कमरे में रखा। किशोरी ने आरोपी पर उसकी इच्छा के विरुद्ध बार-बार दुष्कर्म करने का आरोप लगाया। पुलिस ने जांच के दौरान उसके जन्म संबंधी दस्तावेज जुटाए। दस्तावेजों से किशोरी के नाबालिग होने की पुष्टि होने के बाद मामले में पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 जोड़ी गई।

जांच में सामने आया कि आरोपी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के गजरौला का रहने वाला है और फिलहाल पानीपत की काबड़ी रोड पर रह रहा था। पुलिस को यह भी पता चला कि आरोपी किसी अन्य मामले में जेल में बंद है। इसके बाद उसे प्रोडक्शन वारंट पर लाकर इस मामले की जांच में शामिल किया गया और गिरफ्तार किया गया।