टोहाना: महंगाई और पेड़ कटाई घोटाले के खिलाफ किसानों का हल्ला बोल, फूंकी प्रतियां
टोहाना में संयुक्त किसान मोर्चा ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों और वन विभाग के पेड़ कटाई घोटाले के खिलाफ किया प्रदर्शन। अधिकारियों को सस्पेंड करने और जांच की मांग।
टोहाना : बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल और गैस के दामों में लगातार बढ़ोतरी के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा ने शनिवार को टोहाना में जोरदार प्रदर्शन किया। मोर्चा के आह्वान पर टोहाना पक्का मोर्चा पर जिलाध्यक्ष लाभ सिंह के नेतृत्व में किसान नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए महंगाई की ‘प्रतियां’ फूंकीं।
प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे किसान नेता लाभ सिंह ने कहा कि सरकार जनता की तकलीफों को नजरअंदाज कर सिर्फ कॉरपोरेट घरानों और बड़े उद्योगपतियों का भला कर रही है। आम आदमी महंगाई की चक्की में पिस रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार गिर रही हैं, लेकिन इसके बावजूद केंद्र सरकार पेट्रोल-डीजल के रेट रोज बढ़ाकर जनता को लूट रही है। किसान नेताओं ने कहा, "सरकार का काम लोगों को राहत देना है, लेकिन वो जानबूझकर महंगाई के जरिए आम आदमी को पीस रही है। जब तक तेल-गैस के दाम कम नहीं होंगे, आंदोलन जारी रहेगा।"
पेड़ कटाई घोटाले पर भी बरसे किसान
इसी दौरान टोहाना में चल रहे अवैध पेड़ कटाई के मामले को लेकर भी किसान मोर्चा ने सरकार को घेरा। नेताओं ने कहा कि यह मामला 2-3 दिन पहले ही उनके संज्ञान में आया। यह सब प्रशासन, वन विभाग के अधिकारियों और आरा मशीन मालिकों की मिलीभगत से हो रहा है। सबसे शर्मनाक बात यह है कि इस घोटाले में गरीब मजदूरों को फंसाया जा रहा है। मोर्चा ने मांग की कि टोहाना वन विभाग में कार्यरत सभी अधिकारियों को तुरंत सस्पेंड कर ट्रांसफर किया जाए और मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए। आरा यह कोई छोटा रैकेट नहीं, बल्कि बहुत बड़ा घोटाला है जो लगातार चल रहा है।
किसान नेताओं ने सरकार से मांग की कि इस पर तुरंत रोक लगे, दोषियों को सख्त सजा मिले और निर्दोष मजदूरों को बेवजह परेशान न किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। आपको बता दे कि टोहाना में वन विभाग की जमीन पर दिन दिहाड़े 18 पेड़ काटे जाने का मामला सामने आया था जिसमें विभाग ने आरा संचालक प्रिंस सहित तीन लोगों पर केस दर्ज करवाए जिसके बाद प्रिंस चावला ने वन विभाग के दरोगा सुरेंद्र की कॉल रिकॉर्डिंग होने का दावा करते हुए कहा कि विभाग की मिलीभगत से पेड़ काटे गए है। इस मामले में प्रिंस ने अधिकारियों पर लगातार लाखों रुपए के पेड़ कटवाने जाने के आरोप लगाए थे।

