भारतीय ओलिंपिक एसोसिएशन का बड़ा फैसला,कुश्ती संघ के सभी पदाधिकारी अमान्य घोषित

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भिवानी।

भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जंतर-मंतर बैठे पहलवानों के धरने का आज 21वां दिन है। इसी बीच भारतीय ओलिंपिक संघ ने (IOA) ने भारतीय कुश्ती संघ के सभी पदाधिकारियों को अमान्य करार दिया। IOA के संयुक्त सचिव कल्याण चौबे ने कुश्ती संघ को आदेश जारी कर उसके सभी पदाधिकारियों के प्रशासनिक, आर्थिक कार्य पर रोक लगा दी।

IOA ने कुश्ती संघ से सभी दस्तावेज, एकाउंट्स और विदेशी टूर्नामेंटों के लिए भेजी जाने वाली एंट्री का लॉगिन, वेबसाइट संचालन तत्काल उसे सौंपने को कहा है। IOA ने यह कदम खेल मंत्रालय की ओर से भारतीय कुश्ती संघ के चुनाव रद्द कर IOA की अस्थायी समिति को संघ के चुनाव कराने और उसके संचालन का जिम्मा सौंपे जाने के बाद उठाया है। IOA ने कुश्ती संघ के संचालन और 45 दिन के अंदर चुनाव कराने के लिए तीन सदस्यीय अस्थायी समिति का गठन 3 मई को किया था। जिसमें वूशु संघ के भूपेंदर सिंह बाजवा, ओलंपियन निशानेबाज सुमा शिरूर और एक सेवानिवृत जज को शामिल किया।

समिति ने अपने कार्यभार भी संभाल लिया। उसकी अगुआई में अंडर-17 और अंडर-23 एशियाई चैंपियनशिप की टीम के चयन ट्रायल और चयन समिति भी घोषित कर दी। लेकिन IOA ने कुश्ती संघ के काम पर रोक का आदेश नहीं निकाला। जिसके चलते कुश्ती संघ के महासचिव वीएन प्रसूद कुश्ती संघ का कार्य जारी रखते हुए ईमेल और अन्य संसाधनों का प्रयोग कर रहे थे। पहलवानों की ओर लगाए गए यौन शोषण के आरोपों से घिरे बृजभूषण शरण सिंह बतौर WFI अध्यक्ष 4 साल के तीन कार्यकाल पूरे कर चुके हैं। खेल संहिता के मुताबिक वह अब इस पद पर चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हो चुके हैं।

जनवरी में पहलवानों के पहले धरने के वक्त खेल मंत्रालय की ओर से खिलाड़ियों की मांग पर बृजभूषण को फेडरेशन की सभी गतिविधियों से दूर रहने के बारे में कहा गया था। साथ ही IOA की गठित ओवरसाइट कमेटी को ही इसका संचालन सौंपा गया था। कागजी कार्रवाई के हिसाब से बृजभूषण फेडरेशन से 5 माह से अलग ही हैं। इधर, बृजभूषण भी स्पष्ट कर चुके हैं कि वह अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने यह नहीं कहा है कि वह चुनाव नहीं लड़ेंगे। बस अध्यक्ष पद पर चुनावों से इंकार किया था।

भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में दिल्ली पुलिस की ओर से अदालत में जांच की स्टेटस रिपोर्ट रखे जाने के बाद एक और शिकायतकर्ता के बयान दर्ज किए गए। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को CRPC की धारा 164 के तहत बयान दर्ज किए। महिला पहलवानों के वकील नरेंदर हुड्डा के अनुसार, अब तक दिल्ली पुलिस सात में से दो शिकायतकर्ताओं के बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज करा चुकी है। इससे पहले नाबालिग शिकायतकर्ता का भी बयान दर्ज किया गया था। शनिवार को साक्षी मलिक के गांव मोखरा में काला दिवस मनाया गया है। मोखरा तपा के प्रधान रामकिशन मलिक के नेतृत्व में महिलाओं व ग्रामीणों ने काली पट्टियां बांधकर बृजभूषण को गिरफ्तार करो के नारे लगाए।

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