Unseasonal Rain Basmati Crop Loss: बेमौसमी बारिश और तेज हवाओं से किसानों की बढ़ी चिंता, सरकार से मुआवजे की मांग

गोहाना में चक्रवाती तूफान अर्नब के कारण हुई बेमौसमी बारिश से बासमती धान की फसल खेतों में गिर गई है। कृषि विभाग ने किसानों को बीमा योजना के तहत मुआवजा क्लेम करने की सलाह दी है।
 
Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana Haryana

गोहाना । हरियाणा में चक्रवात 'अर्नब' के प्रभाव के चलते हुई बेमौसमी बारिश और तेज हवाओं ने अन्नदाताओं की रातों की नींद उड़ा दी है। गोहाना क्षेत्र में अचानक हुई बारिश और आंधी के कारण खेतों में पककर पूरी तरह तैयार खड़ी बासमती धान की फसल जमीन पर बिछ गई है। फसल के इस तरह खेतों में गिरने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। संकट की इस घड़ी में किसानों ने सरकार से तुरंत विशेष गिरदावरी करवाकर खराब हुई फसल का उचित मुआवजा देने की जोरदार मांग की है।

📉 फसल गिरने से गुणवत्ता प्रभावित होने की चिंता; किसानों को भारी नुकसान की आशंका

क्षेत्र के किसानों का कहना है कि काफी बड़े भू-भाग पर धान की फसल जमीन पर बिछ जाने से उत्पादन और गुणवत्ता दोनों पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। किसानों के अनुसार, ऐन कटाई के वक्त फसल खराब होने से उन्हें भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा। वर्षभर की मेहनत पानी में फिरने से किसान बेहद चिंतित हैं और वे लगातार प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं।

📋 कृषि विभाग की एडवाइजरी; फसल बीमा योजना के तहत ऐसे दर्ज कराएं नुकसान

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है, जिसके तहत किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के प्रावधानों के बारे में जानकारी दी गई है:

  • एसडीओ राजेंद्र कुमार मेहरा का बयान: कृषि विभाग के एसडीओ राजेंद्र कुमार मेहरा ने स्पष्ट किया कि केवल बारिश होने भर से यदि फसल खड़ी रहती है और गिरती नहीं है, तो इस सामान्य आधार पर योजना के तहत मुआवजा देय नहीं होता है। हालांकि, यदि कटाई के बाद या बारिश-तूफान के कारण फसल जमीन पर गिरकर खराब हो जाती है, तो बीमा करवाने वाले किसान निश्चित रूप से अपने नुकसान की सूचना दर्ज करवा सकते हैं।

  • टोल फ्री नंबर पर करें रजिस्ट्रेशन: कृषि विभाग ने सभी प्रभावित किसानों से अपील की है कि जिन अन्नदाताओं ने अपनी धान की फसल का प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा करवाया हुआ है, वे तुरंत फसल में हुए नुकसान की जानकारी ऑनलाइन या टोल फ्री नंबर 14447 पर दर्ज करवाएं, ताकि बीमा नियमों के अनुसार समय पर नुकसान का सटीक आकलन किया जा सके।