हरियाणा में अगस्त से डिजिटल क्रॉप सर्वे: किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
हरियाणा के सभी 23 जिलों में अगस्त से शुरू होगा डिजिटल क्रॉप सर्वे। 6500 सर्वेक्षक करेंगे फसलों का रियल-टाइम डेटा तैयार। जानें किसानों को कैसे मिलेगा लाभ।
चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने कृषि व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और आधुनिक बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। राज्य के सभी 23 जिलों में आगामी अगस्त महीने से खरीफ फसलों का डिजिटल क्रॉप सर्वे (DCS) शुरू होने जा रहा है। इस महा-सर्वेक्षण को समय पर और सही तरीके से पूरा करने के लिए सरकार ने 6500 सर्वेक्षकों को मैदान में उतारने का जिम्मा सौंपा है।मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने हाल ही में 'एग्रीस्टैक' (AgriStack) योजना की समीक्षा बैठक के दौरान इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
डिजिटल सर्वेक्षण के मुख्य लाभ
इस आधुनिक तकनीक आधारित सर्वेक्षण से किसानों और सरकार दोनों को बड़े स्तर पर फायदे होंगे। खेतों में इस समय कौन सी और कितनी फसल खड़ी है, इसकी बिल्कुल सटीक और रीयल-टाइम जानकारी मिल सकेगी। यदि बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि या किसी बीमारी के कारण फसलों को नुकसान होता है, तो इस डिजिटल डेटा की मदद से मुआवजे की प्रक्रिया बेहद तेज और आसान हो जाएगी। सरकारी योजनाओं, सब्सिडी और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ सही किसान तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
एग्रीस्टैक योजना के तहत हो रहा काम
क्या है एग्रीस्टैक? यह केंद्र और राज्य सरकार की एक डिजिटल पहल है, जिसका उद्देश्य किसानों का एक यूनिक डिजिटल डेटाबेस तैयार करना है। इसमें किसान की जमीन, उसकी फसल और उसे मिलने वाले सरकारी लाभों का पूरा विवरण एक ही जगह उपलब्ध होता है।
इस डिजिटल क्रॉप सर्वे के बाद किसी भी तरह की कागजी गड़बड़ी या फसल के गलत इंद्राज (Entry) की गुंजाइश खत्म हो जाएगी, जिससे किसानों को उनके नुकसान की भरपाई के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

