Haryana Wheat Purchase: बेमौसमी बारिश से प्रभावित गेहूं की खरीद में केंद्र ने दी बड़ी छूट
हरियाणा के किसानों को राहत: केंद्र ने रबी सीजन 2026-27 के लिए गेहूं खरीद के मानकों में दी ढील। चमक में कमी और टूटे दानों की सीमा बढ़ी। जानें नई गाइडलाइंस।
चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार के आग्रह पर केंद्र सरकार ने असमय बारिश से प्रभावित गेहूं की फसल को लेकर हरियाणा के किसानों को बड़ी राहत दी है। केंद्र सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय तहत खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने रबी विपणन सत्र 2026-27 के लिए गेहूं की यूनिफार्म स्पेसिफिकेशंस (गुणवत्ता मानकों) में विशेष छूट देने का निर्णय लिया है।
हरियाणा सरकार ने 4 अप्रैल को पत्र भेजकर केंद्र सरकार से मानकों में छूट देने का अनुरोध किया था जिसमें बताया गया था कि राज्य के सभी जिलों में बेमौसमी बारिश के कारण गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। किसानों को नुकसान से बचाने और मजबूरी में सस्ती बिक्री (डिस्ट्रेस सैल) रोकने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। भाजपा विधायक दल की सोमवार को चंडीगढ़ में हुई बैठक में मुख्यमंत्री नायब सैनी ने विधायकों को केंद्र की ओर से मानकों में छूट मिलने की संभावना जताई थी। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन ढीले मानकों तहत खरीदे गए गेहूं की गुणवत्ता में भंडारण दौरान किसी भी प्रकार की गिरावट की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। साथ ही इससे जुड़े वित्तीय और संचालन संबंधी प्रभावों का भार भी राज्य को ही उठाना होगा।
मानकों में यह मिली छूट
- गेहूं में लस्टर लास (चमक की कमी) की सीमा पूरे राज्य में 70 प्रतिशत तक बढ़ाई गई।
- सिंकुड़े और टूटे दानों की सीमा 6 से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दी गई।
- कुल क्षतिग्रस्त और आंशिक क्षतिग्रस्त दाने मिलाकर अधिकतम 6 प्रतिशत तक ही स्वीकार होंगे।
- ढील वाले मानकों तहत खरीदे गए गेहूं को अलग से स्टोर कर उसका हिसाब रखा जाएगा।

