Tosham Farmers Protest: बाजरा और धान की एमएसपी पर खरीद को लेकर तोशाम में प्रदर्शन, किसानों ने किया मार्केट कमेटी का घेराव

तोशाम में संयुक्त किसान मोर्चा ने बाजरे और धान की एमएसपी पर खरीद, डीएपी खाद की उपलब्धता और मुआवजे की मांग को लेकर मार्केट कमेटी का दो घंटे घेराव किया।

 
Inder Singh Lamba Kisan Sabha

तोशाम। संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर बुधवार को तोशाम में किसानों ने बाजरा, धान सहित तमाम फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सरकारी खरीद तुरंत सुनिश्चित करने की मांग को लेकर मार्केट कमेटी कार्यालय का दो घंटे तक घेराव किया। सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक चले इस उग्र धरने की अध्यक्षता अखिल भारतीय किसान सभा के उपप्रधान इंद्र सिंह लांबा ने की। प्रदर्शन के दौरान किसान नेताओं ने नारेबाजी करते हुए प्रशासनिक ढिलाई और सरकारी व्यवस्था पर जमकर निशाना साधा।

📉 मंडी में एक महीने से पड़ा है बाजरा, सरकारी खरीद न होने से 200 से 250 रुपये प्रति क्विंटल का नुकसान

अखिल भारतीय किसान सभा के जिला सचिव मास्टर जगरोशन ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा थोपे गए जटिल पोर्टल, बायोमेट्रिक और फसल सत्यापन के नियमों से किसान बुरी तरह परेशान हैं। तोशाम अनाज मंडी में बाजरा आए एक महीने से भी अधिक समय बीत चुका है, लेकिन सरकारी खरीद शुरू न होने से किसानों को 200 से 250 रुपये प्रति क्विंटल तक का भारी आर्थिक नुकसान उठाकर अपनी फसल निजी हाथों में बेचनी पड़ रही है। इसके अलावा धान खरीद में आनाकानी, नमी के नाम पर अड़चनें, मंडियों से उठान न होने और रबी सीजन के लिए डीएपी (DAP) खाद की भारी किल्लत से किसान हलकान हैं। मंडियों में खुले में रखी फसल पर बारिश के कारण खराब होने का खतरा भी लगातार मंडरा रहा है।

📢 मुआवजे और डीएपी खाद की मांग: 17 अक्तूबर को भाजपा कार्यालयों के समक्ष पुतले फूंकने की चेतावनी

धरने में उपस्थित किसान नेताओं (रणधीर सांगवान, दयानंद फौजी, रोहतास सैनी, पुरुषोत्तम, बस्तीराम एडवोकेट आदि) ने मांग उठाई कि सभी फसलों की एमएसपी पर पारदर्शी खरीद की जाए, वंचित किसानों की फसल का भौतिक सत्यापन हो, भावांतर योजना का भुगतान समय पर किया जाए, पर्याप्त डीएपी खाद मिले, नहरों में अंतिम छोर तक पानी पहुंचाया जाए, तथा सूखाग्रस्त क्षेत्रों के किसानों को 50 हजार रुपये प्रति एकड़ और बिजली टावरों से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा मिले। किसान मोर्चा ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 17 अक्तूबर को भाजपा कार्यालयों के सामने सरकार का पुतला दहन किया जाएगा।