Medical News Update: एंटीबायोटिक्स से कैसे बिगड़ता है आंतों का माइक्रोबायोम? जानिए दस्त और ऐंठन के कारण

खांसी-जुकाम या वायरल में एंटीबायोटिक्स लेना आम है, लेकिन इससे गट हेल्थ और पाचन तंत्र पर बुरा असर पड़ता है। जानिए इससे जुड़े 5 बड़े बदलाव।

 
how antibiotics affect gut microbiome

खांसी-जुकाम या किसी भी वायरल इंफेक्शन होने पर बिना सोचे-समझे तुरंत एंटीबायोटिक्स (Antibiotics) ले लेना आजकल बहुत आम हो गया है। इन दवाओं से बीमारी में तुरंत असर तो दिखता है और इन्हें खाना भी आसान होता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसका हमारी गट हेल्थ (आंतों के स्वास्थ्य) पर क्या असर पड़ता है? बहुत कम लोग इस बात को जानते हैं कि इन दवाओं का असर सिर्फ बीमारी फैलाने वाले हानिकारक बैक्टीरिया तक सीमित नहीं रहता, बल्कि ये आंतों में मौजूद गुड बैक्टीरिया (Good Bacteria) के संतुलन को भी बुरी तरह प्रभावित कर देती हैं। इस वजह से हमारा पूरा पाचन तंत्र गड़बड़ाने लगता है और पेट से जुड़ी कई समस्याएं शुरू हो जाती हैं।

⚠️ पाचन में दिख सकते हैं ये 5 बड़े बदलाव: ब्लोटिंग, दस्त और पेट की ऐंठन को बिल्कुल न करें नजरअंदाज

जब आंतों का माइक्रोबायोम एंटीबायोटिक्स पर प्रतिक्रिया करता है, तो इलाज के दौरान या कोर्स पूरा होने के बाद शरीर में कई तरह के पाचन संबंधी बदलाव नजर आ सकते हैं:

  • लूज मोशन (दस्त): एंटीबायोटिक्स की वजह से आंतों का माइक्रोबियल ग्रुप बिगड़ जाता है, जिससे कई मामलों में अचानक दस्त की समस्या शुरू हो जाती है।

  • हद से ज्यादा ब्लोटिंग या गैस: आंत के बैक्टीरिया फर्मेंटेशन में अहम भूमिका निभाते हैं। एंटीबायोटिक्स इस संरचना को बदलकर गैस और ब्लोटिंग की दिक्कत बढ़ा देते हैं।

  • पेट साफ होने की आदत में बदलाव: इन दवाओं के कारण कुछ लोगों को बार-बार शौच जाना पड़ सकता है, तो कुछ को कब्ज (Constipation) का सामना करना पड़ता है।

  • पेट में ऐंठन या बेचैनी: माइक्रोबायोम और आंतों की इम्यूनिटी का कनेक्शन बिगड़ने से पेट में तेज ऐंठन और बेचैनी महसूस हो सकती है।

  • दीर्घकालिक पाचन समस्याएं: एंटीबायोटिक कोर्स पूरा होने के बाद भी गुड बैक्टीरिया को रिकवर होने में समय लगता है, जिससे कुछ समस्याएं लंबे समय तक बनी रह सकती हैं।