Side Effects of Morning Tea: सुबह उठते ही चाय पीने से बढ़ती है एसिडिटी और गैस की समस्या, ऐसे करें दिन की सही शुरुआत

सुबह खाली पेट चाय पीने से पाचन और गट हेल्थ पर बुरा असर पड़ सकता है। जानिए यथार्थ अस्पताल की एक्सपर्ट डॉ. रेशू अग्रवाल से इसके नुकसान और सही आदतें।

 
empty stomach tea impact on gut health

भारतीय घरों में चाय दैनिक दिनचर्या का एक अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। कई लोग तो दिनभर में कई कप चाय पी जाते हैं, वहीं अधिकांश लोगों की सुबह ही बेड-टी के साथ होती है ताकि सुस्ती दूर हो सके और नींद खुल सके। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार खाली पेट चाय का सेवन आपकी सेहत पर बेहद प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। यह आपके पाचन तंत्र से लेकर आंतों की सेहत (Gut Health) तक को प्रभावित कर सकता है। चाय में मौजूद कैफीन और टैनिन खाली पेट पेट में एसिड का स्तर बढ़ा देते हैं, जिससे शरीर में पोषक तत्वों और आयरन के अवशोषण में भी बाधा उत्पन्न हो सकती है।

🩺 पाचन से जुड़ी दिक्कतें और एसिडिटी: यथार्थ हॉस्पिटल की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. रेशू अग्रवाल की राय

यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल (नोएडा) में इंटरनल मेडिसिन की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. रेशू अग्रवाल का कहना है कि सुबह उठते ही खाली पेट चाय पीने से पेट की अंदरूनी परत प्रभावित होती है। चाय में मौजूद कैफीन पेट में गैस्ट्रिक एसिड के स्राव को अत्यधिक बढ़ा देता है। जिन लोगों को पहले से ही एसिडिटी, सीने में जलन, पेट फूलना या गैस बनने की समस्या है, खाली पेट चाय का सेवन उनकी तकलीफ को कई गुना बढ़ा सकता है। इसके अलावा संवेदनशील पेट वाले लोगों को खाली पेट चाय पीने के बाद बेचैनी, जी मिचलाना या मितली जैसी समस्याएं भी महसूस हो सकती हैं।

🫄 क्या खाली पेट चाय पीने से आंतों को होता है सीधा नुकसान? जानिए क्या कहती है रिसर्च

विशेषज्ञों के मुताबिक खाली पेट चाय पीने से सीधे आंतों के क्षतिग्रस्त होने के प्रत्यक्ष प्रमाण सीमित हैं, लेकिन यह आंतों की स्वाभाविक गतिशीलता (Gastrointestinal Motility) को प्रभावित जरूर करता है। कैफीन की वजह से कुछ लोगों को चाय पीते ही तुरंत शौच जाने की तीव्र इच्छा होती है, जबकि संवेदनशील आंतों वाले व्यक्तियों में पेट में मरोड़, ऐंठन या दस्त (Diarrhea) जैसी स्थिति बन सकती है। इसलिए खाली पेट चाय पीने के बजाय सुबह की शुरुआत एक गिलास गुनगुने पानी और कुछ हल्के ड्राई फ्रूट्स या नाश्ते से करनी चाहिए। यदि आपको पेट दर्द या एसिडिटी की शिकायत लगातार बनी रहती है, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।