Expensive Domestic Tourism India: गोवा में 5-स्टार होटल का खर्च बाली और वियतनाम से ज्यादा? जानिए क्या है पूरा मामला
एक भारतीय यात्री ने गोवा, बाली और वियतनाम में छुट्टियों के खर्च की तुलना कर बहस छेड़ दी है कि भारत में घरेलू पर्यटन इतना महंगा क्यों है।
एक भारतीय यात्री ने गोवा, बाली और वियतनाम में छुट्टियों की कीमतों की तुलना की है. इस तुलना ने ऑनलाइन एक बड़ी बहस छेड़ दी है कि आखिर भारत में घरेलू यात्राएं इतनी महंगी क्यों हो जाती हैं. ट्रैवलर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने इस लॉजिक को शेयर किया. उसने पूछा कि पीक ट्रैवल सीजन के दौरान भारत के अंदर छुट्टियां इतनी महंगी क्यों हो जाती हैं? उन्होंने गोवा में लग्जरी स्टे की तुलना बाली और वियतनाम जैसे अंतरराष्ट्रीय स्थलों में ऐसी ही जगहों से की है.
भारतीयों में बाली को मोस्ट पॉपुलर हनीमून डेस्टिनेशन भी माना जाता है. पर सवाल है कि क्या बाली जाना… गोवा जाने से सस्ता है. चलिए आपको बताते हैं हर डिटेल….
महंगे गोवा का गणित
उसकी पोस्ट के मुताबिक, त्योहारी सीजन में गोवा, पूर्वोत्तर या भारत के किसी भी लोकप्रिय डेस्टिनेशन में 5 स्टार होटल 5 दिन के स्टे के लिए कमरा लें तो किराया 1.5 लाख रुपये से 2.5 लाख रुपये तक का हो सकता है. उन्होंने यह भी दावा किया कि व्यस्त यात्रा अवधि में घरेलू हवाई किराए अपने सामान्य स्तर से दो या तीन गुना तक बढ़ जाते हैं.
उन्होंने बताया कि इसके मुकाबले, बाली, वियतनाम या क्राबी में ऐसे ही लग्जरी रिसॉर्ट में पांच रात रुकने का खर्च करीब 40,000 रुपये से 60,000 रुपये तक हो सकता है. उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भले ही महंगी हों, लेकिन अगर सही से योजना बनाई जाए तो विदेश में छुट्टी का कुल खर्च कभी कभी लग्जरी घरेलू यात्रा के बराबर या उसके करीब आ जाता है.
सोशल मीडिया पर बहस
ट्रैवलर ने अपने पोस्ट में लिखा, “गणित का छात्र होने के नाते, मेरा एक सीधा सा सवाल है. भारत में घरेलू पर्यटन ठीक उसी समय महंगा क्यों हो जाता है जब हर कोई यात्रा करना चाहता है?” उनका यह सवाल सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.
उनकी इस तुलना ने सोशल मीडिया पर कई प्रतिक्रियाएं बटोरीं. कुछ यूजर्स ने सुझाव दिया कि भारत में सीमित होटल क्षमता एक वजह हो सकती है, जिससे अधिक मांग के समय कीमतें बढ़ जाती हैं. वहीं, कुछ अन्य यूजर्स ने कहा कि छुट्टियों की बढ़ती लागत सिर्फ गोवा तक सीमित नहीं है.
कुछ यूजर्स ने भारत के कम प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को भी देखने का सुझाव दिया. विशाखापत्तनम और अन्य कम प्रचारित जगहों को सस्ते विकल्प के तौर पर बताया गया. एक और यूजर ने कहा कि भारत में लग्जरी यात्रा महंगी हो सकती है, जबकि बजट और बैकपैकिंग यात्राएं अभी भी अपेक्षाकृत सस्ती हैं.
कुछ कमेंट करने वालों ने यह भी कहा कि त्योहार और बड़े इवेंट्स के दौरान कीमतों में तेज बढ़ोतरी दुनिया भर के पर्यटन स्थलों में आम बात है और यह सिर्फ भारत की खास बात नहीं है. इस चर्चा ने पीक ट्रैवल सीजन के दौरान लोकप्रिय भारतीय स्थलों और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन हॉटस्पॉट के बीच छुट्टियों की लागत के अंतर पर फिर से ध्यान खींचा है.