Heatwave Alert: 45 डिग्री पार पारे में भूलकर भी बाहर न निकलें ये 4 तरह के लोग

देशभर में गर्मी का सितम जारी! बांदा में पारा 48°C पार। हेल्थ एक्सपर्ट्स से जानिए किन लोगों को हीट स्ट्रोक का है सबसे ज्यादा खतरा और लू से बचने के देसी उपाय।

 
बच्चों को डिहाइड्रेशन से कैसे बचाएं

भारत के अधिकतर हिस्सों में गर्मी का आतंक लगातार बना हुआ है. बांदा में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया है. भारत की ज्यादातर जगहों में तापमान 45 डिग्री से ऊपर है. ऐसे में कुछ लोगों को घर से बाहर न निकलने की सलाह दी जाती है. डिहाइड्रेशन, सिर में दर्द, मतली या दूसरी हेल्थ प्रॉब्लम्स अगर हो तो ये गर्मी लग जाने का संकेत है. इस आर्टिकल में हम आपको बताने जा रहे हैं कि भीषण गर्मी वाले इसे मौसम में किन लोगों को भूल से भी बाहर नहीं निकलना चाहिए?

क्या आप जानते हैं कि लू आखिर होती क्या है? एक्सपर्ट बताते हैं कि किसी एरिया में अगर तापमान 40 डिग्री से ज्यादा है और वहां गर्म हवा चल रही है तो इसे लू कहते हैं. इस हीटस्ट्रॉक की चपेट में आना भी कहते हैं. चलिए आपको एक्सपर्ट के जरिए बताते हैं कि किन लोगों भीषण गर्मी वाले इस मौसम में घर में ही रहने की कोशिश करनी चाहिए.

हीटस्ट्रॉक का किसे सबसे ज़्यादा है खतरा?

डॉ. आर. नवीन (कंसलटेंट फिजिशियन और डायबेटोलॉजिस्ट, अपोलो मेडिकल सेंटर, वलसरवक्कम) कहते हैं कि कुछ लोगों में गर्मी के कारण बीमार होने (Heat sick) की संभावना अधिक होती है. उनके मुताबिक 1 से 5 साल के बच्चों को घरों में ही रखना चाहिए. क्योंकि इनकी बॉडी नॉर्मल लोगों से ज्यादा एक्टिव होती है. ऐसे में पसीना निकलता है और बॉडी जल्दी डिहाइड्रेशन का शिकार बन जाती है.

गर्भवती महिलाएं- प्रेगनेंसी पीरियड के दौरान भी महिलाओं को भीषण गर्मी में घर के अंदर ही रहना चाहिए. इमरजेंसी हो तभी बाहर निकलना चाहिए, लेकिन बैग में ऐसी चीजें जरूर होनी चाहिए जिनसे हाइड्रेशन का लेवल ठीक रहता है. बैग में पानी की बोतल, हाइड्रेटेड फूड जैसी कई चीजें जरूर होनी चाहिए.

डॉ. नवीन कहते हैं कि पुरानी बीमारियों (जैसे हृदय रोग, मधुमेह/डायबिटीज और मोटापा) से पीड़ित लोगों को भी ऐसे गर्म मौसम में घर के अंदर ही रहना चाहिए.

इसके अलावा, जो लोग ऐसी दवाएं ले रहे हैं जो उनके शरीर को हाइड्रेटेड रखने की क्षमता को प्रभावित करती हैं (जैसे Diuretics – यूरिन बढ़ाने वाली दवाएं) या शरीर के तापमान को नियंत्रित करने की क्षमता को प्रभावित करती हैं (जैसे ब्लड प्रेशर की कुछ दवाएं), उनमें भी ओवरहीटिंग का खतरा बहुत बढ़ जाता है.

बाहर काम करने वाले मजदूरों को अपने साथ पानी, गमचा और धूप के प्रकोप से बचाने वाली चीजें साथ जरूरी रखनी चाहिए.

ध्यान रखें ये बातें । Safety tips for Heat Stroke Risk

  1. एक्सपर्ट कहते हैं कि आप चाहे दिनभर में 8 से 10 गिलास पानी पी रहे हैं फिर भी बॉडी को हाइड्रेट रखना जरूरी है. हाइड्रेशन के लिए जरूरी है कि सीजनल फल जैसे तरबूज और खरबूजे को जरूर खाएं.
  2. स्किन को गर्मी से बचाने के लिए सनस्क्रीन लगाएं लेकिन देसी तरीकों से भी आप बचाव कर सकते हैं. इसके लिए नहाते समय पानी में तुलसी या नीम के पत्तों को पहले डाल दें. ये पूरे दिन स्किन को ठंडा रखने में हेल्प कर सकते हैं.
  3. डॉ. आर नवीन के मुताबिक हमें ऐसे मौसम में लाइट चीजें ही खानी चाहिए. तला-भुना या फिर ज्यादा मसाले वाले फूड्स को खाने से पेट की हालत बिगड़ सकती है. अगर आप छोले-भटूरे, पाव भाजी, पकोड़े जैसी चीजों को इस मौसम में खाते हैं तो दस्त, उल्टी यानी फूड प्वाइजनिंग भी हो सकती है.
  4. अगर आप इस मौसम में सैर के रूटीन को बरकरार रखना चाहते हैं तो इसके लिए सुबह का टाइम सबसे बेस्ट है. इस तरह आप हल्की धूप ले पाते हैं जिससे बॉडी में विटामिन डी भी मिलता है.