Malaika Arora Fitness Secret: मलाइका अरोड़ा ने बताया वजन घटाने का 10 मिनट वाला 'चाइनीज नुस्खा', घर बैठे मिलेगी टोंड बॉडी

मलाइका अरोड़ा ने 52 की उम्र में अपनी फिटनेस का राज खोला है! जानें वह कौन सी 10 मिनट की 'Tai Chi' एक्सरसाइज है जो जिम जाए बिना पेट की चर्बी घटाती है और मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करती है। स्टेप-बाय-स्टेप गाइड यहाँ पढ़ें।

 
घर पर एक्सरसाइज कैसे करें

फिट और टोंड बॉडी पाना आजकल हर किसी की चाहत बन चुका है, लेकिन बिजी लाइफस्टाइल और समय की कमी के कारण जिम जाना हर किसी के लिए संभव नहीं हो पाता. ऐसे में अगर कोई आसान, असरदार और कम समय में की जाने वाली एक्सरसाइज मिल जाए तो सोने पर सुहागा हो जाता है. फिटनेस के लिए जानी जाने वाली बॉलीवुड एक्ट्रेस मलाइका अरोड़ा भी मानती हैं कि वजन घटाने और बॉडी फैट कम करने के लिए घंटों जिम में पसीना बहाना जरूरी नहीं है. हाल ही में एक्ट्रेस ने एक ऐसी एक्सरसाइज के बारे में बताया है, जिसे आप घर पर ही सिर्फ कुछ मिनटों में कर सकते हैं. मलाइका खुद इस एक्सरसाइज को रोजाना करती हैं, जो उनकी फिट बॉडी का राज भी है.

ये वर्कआउट न सिर्फ बॉडी की एक्सट्रा चर्बी को कम करने में मदद करता है बल्कि मेटाबॉलिज्म को भी बेहतर बनाता है. अगर आप भी वेट लॉस करना चाहती हैं तो ये आर्टिकल आपके लिए है. यहां हम आपको बताएंगे मलाइका की बताई वो 10 मिनट वाली एक्सरसाइज. इसके फायदे और करने का तरीका.

मलाइका ने शेयर किया वीडियो

मलाइका अरोड़ा अपनी फिटनेस को लेकर जानी जाती हैं. वो 52 साल की उम्र में भी बेहद फिट हैं. एक्ट्रेस सोशल मीडिया पर फैंस को फिटनेस टिप्स भी देती रहती हैं. हाल ही में मलाइका ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया है. इस वीडियो में एक्ट्रेस ने 10 मिनट की चाइनीज Tai Chi एक्सरसाइज के बारे में बताया है, जिसे वो खुद करना पसंद करती हैं.

मलाइका ने पोस्ट के कैप्शन में लिखा- क्या आप जानते हैं कि ये चर्बी घटाने का सबसे बेस्ट तरीका है. सिर्फ 10 मिनट की ये एक्सरसाइज आपकी सारी दवाइयों की रिपलेस कर सकती है. चीन में इसे हेल्दी और लंबी उम्र का रहस्य माना जाता है. पहले ही दिन ये पेट, लीवर, आंत, पैनक्रियाज और एनर्जी फ्लो को बैलेंस करती है. इसे करने से पाचन संबंधी समस्याएं खत्म हो जाती हैं और ब्लड शुगर भी नॉर्मल रहता है”.

जानें कैसे एक्सरसाइज के स्टेप और फायदे

शोल्डर ट्विस्ट और ओपनर्स- इस एक्सरसाइज में गर्दन और कंधों को धीरे-धीरे गोल घुमाया जाता है. पहले गर्दन को दाएं-बाएं झुकाएं, फिर कंधों को आगे और पीछे रोल करें. सांस को गहरा और कंट्रोल रखें. इसे करने से कंधों और गर्दन की जकड़न कम होती है. लंबे समय तक बैठने से होने वाले दर्द में राहत मिलती है. ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और थकान कम होती है.

स्टैंडिंग स्पाइनल ट्विस्ट- सीधे खड़े होकर पैरों के बीच हल्की दूरी रखें. हाथों को ढीला छोड़ते हुए शरीर को कमर से दाएं और बाएं मोड़ें. ध्यान रखें कि मूवमेंट स्लो और बिना झटके के हो. ये रीढ़ की हड्डी में लचीलापन बढ़ता है. पेट और आंतों को हल्की मालिश मिलती है, जिससे पाचन सुधरता है. साथ ही कमर दर्द में राहत मिलती है.

आर्म फ्लैपिंग और शोल्डर लिफ्ट्स- दोनों हाथों को सामने से ऊपर उठाएं और फिर ढीले छोड़ते हुए नीचे लाएं. कंधों को ऊपर उठाकर छोड़ें. इस दौरान सांस लेने और छोड़ने पर ध्यान दें. इससे कंधों और बाहों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं.शरीर का ऊपरी भाग हल्का और रिलैक्स महसूस करता है. तनाव और थकान कम होती है.

टॉर्सो बेंड्स और स्ट्रेच- ऊपरी शरीर को धीरे-धीरे आगे झुकाएं, फिर पीछे की ओर हल्का स्ट्रेच दें. इसके बाद दाएं और बाएं साइड बेंड करें. हर मूवमेंट के साथ गहरी सांस लें. इसे करने से छाती और कमर की फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है और बॉडी पोश्चर सुधरता है.

लेग स्ट्रेचेस- एक पैर को आगे रखकर घुटना हल्का मोड़ें और दूसरे पैर को पीछे सीधा रखें. फिर पैर बदलें. आप साइड लेग स्ट्रेच भी कर सकते हैं.ऐसा करने से पैरों में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है. जांघ और पिंडली की मांसपेशियां मजबूत होती हैं. बैलेंस और कोऑर्डिनेशन बेहतर होता है.

जंपिंग (लास्ट स्टेप)- लास्ट में हल्के-हल्के छोटे जंप करें एड़ी और पंजों के बल नरमी से उछलें. यह स्टेप एनर्जी को बूस्ट करने के लिए किया जाता है. इससे एनर्जी बढ़ती और सुस्ती दूर होती है. साथ ही फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है.