मिसकैरिज के बाद क्या फर्टिलिटी बढ़ जाती है? जानें क्या कहती हैं एक्सपर्ट
क्या मिसकैरिज के बाद फर्टिलिटी बढ़ती है? जानें एक्सपर्ट की राय। मिसकैरिज के कारण और प्रेगनेंसी के लिए सही सलाह। मानसिक और शारीरिक रिकवरी के लिए टिप्स यहाँ पढ़ें।
प्रेगनेंसी के बाद अगर मिसकैरिज हो जाए तो ये कंडीशन फिजिकली और मेंटली दोनों तरह से प्रभावित करती है. प्रेगनेंसी कंसीव करने के बाद अगर किसी के साथ ऐसा हो जाए तो महिला इमोशनली काफी टूट जाती है. इसके अलावा मन में कई सवाल भी उठते हैं कि क्या फिर से प्रेगनेंसी कंसीव हो पाएगी? नेचुरली कंसीव किया जा सकेगा या फिर दवाएं लेनी पड़ेंगी. वैसे मिसकैरिज के बाद क्या फर्टिलिटी बढ़ जाती ऐसे सवाल भी महिलाओं के मन में आते हैं.
इसके बारे में सही जानकारी के लिए टीवी9 ने दिव्या गोस्वामि (कंसल्टेंट गायनिकोलॉजिस्ट, कैलाश हॉस्पिटल, देहरादून) से खास बातचीत की. क्या सच में ऐसा होता है चलिए आपको एक्सपर्ट के जरिए बताते हैं.
मिसकैरिज के बाद फर्टिलिटी बढ़ती है या नहीं?
दिव्या गोस्वामि (कंसल्टेंट गायनिकोलॉजिस्ट, कैलाश हॉस्पिटल, देहरादून) अक्सर मरीज हमसे पूछते हैं कि क्या मिसकैरिज के बाद फर्टिलिटी बढ़ जाती है. इस विषय को लेकर काफी भ्रम है, इसलिए सही जानकारी देना जरूरी है. चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, मिसकैरिज के बाद फर्टिलिटी अपने आप नहीं बढ़ती, लेकिन इसका मतलब यह भी नहीं है कि भविष्य में गर्भधारण की संभावना कम हो जाती है.
यदि मिसकैरिज शुरुआती गर्भावस्था में हुआ है और इसके पीछे कोई गंभीर कारण नहीं है, तो अधिकांश महिलाओं की प्रजनन क्षमता सामान्य बनी रहती है. कई मामलों में महिला का शरीर कुछ ही हफ्तों में ओव्यूलेशन शुरू कर देता है, जिससे दोबारा गर्भधारण संभव हो सकता है. यही वजह है कि लोगों को लगता है कि मिसकैरिज के बाद फर्टिलिटी बढ़ गई है, जबकि वास्तव में शरीर अपनी सामान्य प्रजनन प्रक्रिया में लौट रहा होता है.
मिसकैरिज के कारण
यह समझना भी जरूरी है कि हर मिसकैरिज का कारण अलग हो सकता है. कभी-कभी क्रोमोसोमल असामान्यताएं, हार्मोनल असंतुलन, थायरॉयड की समस्या, गर्भाशय से जुड़ी स्थितियां या अन्य स्वास्थ्य संबंधी कारण इसके पीछे हो सकते हैं. इसलिए केवल मिसकैरिज के आधार पर फर्टिलिटी के बारे में कोई सामान्य निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता.
इन बातों का रखें ध्यान
एक्सपर्ट कहती हैं कि मिसकैरिज के बाद महिला को शारीरिक और भावनात्मक रूप से पूरी तरह स्वस्थ होने का समय दिया जाए. संतुलित आहार, नियमित जांच और डॉक्टर की सलाह के अनुसार परिवार नियोजन करना महत्वपूर्ण है. यदि बार-बार मिसकैरिज हो रहा है या गर्भधारण में समस्या आ रही है, तो विशेषज्ञ से परामर्श लेकर कारणों की जांच करानी चाहिए.
कुल मिलाकर, मिसकैरिज के बाद फर्टिलिटी बढ़ने का दावा पूरी तरह सही नहीं है, लेकिन अधिकांश महिलाएं उचित देखभाल और सही स्वास्थ्य प्रबंधन के साथ सफल और स्वस्थ गर्भावस्था प्राप्त कर सकती हैं.

