गर्मियों में खाएं ये 5 सुपरफूड्स, गट हेल्थ रहेगी दुरुस्त और शरीर ठंडा
साउथ इंडिया में बनने वाली इडली एक प्रोबायोटिक (गट के लिए अच्छा फूड) फूड है, क्योंकि इसे रातभर फर्मेंट करने के लिए छोड़ा जाता है. उड़द दाल और चावल के कॉम्बिनेशन से बनने की वजह से इडली की तासीर भी ठंडी होती है. ये स्टीम में बनाई जाती है, इसलिए कैलोरी भी बहुत हाई नहीं होती है. समर सीजन में इडली और नारियल की चटनी ब्रेकफास्ट के लिए बढ़िया कॉम्बिनेशन है.
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ओट्स को जई से तैयार किया जाता है. ये ठंडी तासीर का अनाज होता है और फाइबर से भी भरपूर है. 1 कप ओट्स से तकरीबन 8.1 ग्राम फाइबर मिल सकता है. इस वजह से ये पाचन को दुरुस्त रखने में मदद करता है. मॉर्निंग में आप मसाला ओट्स खा सकते हैं या फिर रोल्ड ओट्स को ओवरनाइट भिगोकर रखने के बाद खाया जा सकता है. इसमें कुछ नट्स और सीड्स एड करेंगे तो पोषण और बढ़ जाएगा.
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गर्मियों में अपनी गट हेल्थ को सही रखने के लिए डाइट में दही और छाछ को जगह देनी चाहिए. आप इसे अलग-अलग तरीकों से खा सकते हैं. ज्यादा फैट पसंद नहीं है तो छाछ पिएं नहीं तो दही भी बढ़िया ऑप्शन है. दही में आप कुछ सीजनल फल एड कर सकते हैं जो नेचुरल शुगर का काम करेंगे और शरीर को ठंडा रखने में भी मदद करते हैं.
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ओट्स की तरह ही जौ भी ठंडी तासीर का अनाज है. आप सुबह मॉर्निंग में जो का दलिया नमकीन या मीठा दलिया बनाकर खा सकते हैं. हालांकि ध्यान रखें कि चीनी बहुत कम डालें या फिर मिठास के लिए शुगर का कोई नेचुरल अल्टरनेटिव चुनें. ये पचने में भी आसान रहता है.
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पाखला भात या बोरे बासी दोनों ही पारंपरिक रूप से चावलों को पानी में भिगोकर फर्मेंट करने के बाद दही के साथ खाए जाते हैं. गर्मियों में ये ओडिशा, छत्तीसगढ़ में खासतौर पर इसे रात में तैयार करते हैं और मॉर्निंग में इसे ब्रेकफास्ट की तरह खाते हैं. इसे पोइता भात, पानी भात, पंता भात जैसे नामों से भी जानते हैं.
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