Vertigo Causes & Remedies: क्यों आते हैं चक्कर? जानें वर्टिगो के कारण और घरेलू उपाय
क्या आपको भी बैठते या लेटे हुए चक्कर आते हैं? जानें वर्टिगो (Vertigo) क्यों होता है, इसके लक्षण और अदरक व तुलसी जैसे प्रभावी घरेलू नुस्खे जो दे सकते हैं राहत।
क्या घरेलू नुस्खों से भी वर्टिगो से कुछ हद तक राहत पाई जा सकती है. ये कान के अंदर होने वाली हेल्थ प्रॉब्लम है जिसके होने पर इंसान हर समय चक्कर से परेशान रहता है. वर्टिगो के होने पर प्रभावित व्यक्ति को बैठते और लेटे हुए भी चक्कर आते हैं. सीधा खड़ा होकर चलना तो बहुत मुश्किल होता है. वर्टिगो के भी कई टाइप होते हैं और ज्यादातर लोग कान या सर्वाइकल की वजह से होने वाले वर्टिगो से परेशान रहते हैं. दरअसल, आज के समय में मोबाइल या दूसरी स्क्रीन पर टाइम बिताने की लत लोगों को लगी हुई है. इसके अलावा फोन पर घंटों बात करना भी परेशानी का कारण बनता है.
ये एक न्यूरो प्रॉब्लम भी हो सकती है लेकिन कान या सर्वाइकल इसके अहम कारण माने जाते हैं. इस आर्टिकल में हम आपको बताने जा रहे हैं कि आखिर वर्टिगो क्यों होता है. साथ ही इसके होने पर किन बातों का खास ध्यान रखना चाहिए. इसके अलावा कुछ घरेलू नुस्खें भी जानें जो कुछ हद तक इसके प्रभाव को कम कर सकते हैं.
वर्टिगो आखिर क्यों होता है
एक्सपर्ट कहते हैं कि ज्यादातर लोगों को पेरिफेरल वर्टिगो की शिकायत होती हैं. इसमें कान के अंदर नसों में मौजूद लिक्विड में छोटे-छोटे क्रिस्टल बनने लगते हैं. इस वजह से बैलेंस बिगड़ जाता है और तेज चक्कर आने लगते हैं. ये चक्कर धीरे या तेज भी आने लगते हैं. वर्टिगो के टाइप में बीपीपीवी, वेस्टिब्यूलर न्यूराइटिस और मेनियर बीमारी भी शामिल है.
पेरिफेरल सिचुएशन को पोजिशनल वर्टिगो भी कहा जाता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक पोजिशनल वर्टिगो के ब्रेन से होने की संभावना कम होती है. ये या तो सर्वाइकल की वजह से होगा या इसका कारण कान में हो रही दिक्कत हो सकती है. इस केस में ये जानने की कोशिश करें कि आपको किस कान में वर्टिगो हुआ है.
इन बातों का रखें ध्यान
पेरिफेरल वर्टिगो हुए है और ये पता चलने के बाद प्रभावित की जगह दूसरे कान की तरफ करवट लेकर सोने की आदत डालें.
ज्यादा झुके या ऊपर की तरफ देखने की कोशिश न करें.
अगर नीचे से सामान उठना है तो पहले बैठ जाएं और फिर उठाएं. ये सब करने से प्रभावित पार्टिकल का मूवमेंट कम होगा और वो 10 से 15 दिन में सेट हो जाएगा.
इसके बाद भी ये प्रॉब्लम बनी रहे तो आपको एंटी वर्टिगो दवाएं लेनी चाहिए. ये इस समस्या को जड़ से खत्म नहीं करती हैं लेकिन कुछ दिनों के लिए टाल देती हैं.
वर्टिगो से राहत के घरेलू उपाय
अगर आपको वर्टिगो की शिकायत रहती है तो आपको अदरक का नुस्खा आजमाना चाहिए. कहते हैं कि ये हमारे ब्लड सर्कुलेशन को बनाती है और इस तरह चक्कर की समस्या कम होने लगती है. रोजाना खाली पेट पानी में अदरक को गर्म करें और उबाल आने पर इस ड्रिंक या चाय को पिएं. आप चाहे तो इस चाय के अलावा अदरक सीधे चबा भी सकते हैं.
खाली पेट तुलसी के पत्ते खाकर भी कुछ हद तक इस प्रॉब्लम को कम किया जा सकता है. तुलसी में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जिस वजह से हमारे शरीर को एनर्जी मिलती है. उठने के बाद सुबह खाली पेट तुलसी से चार से पांच पत्तों को चबाएं.
वैसे इस कंडीशन में हाइड्रेशन को बरकरार रखना जरूरी है क्योंकि कुछ लोगों को चक्कर तक आने लगते हैं. अपने साथ ओआरएस का पैकेट रखें क्योंकि ये डायरिया या उल्टियां लगने पर बॉडी में पानी की कमी होने नहीं देता. गर्मी में नॉर्मली भी आप ओआरएस को पी सकते हैं. गर्मियों के दौरान डिहाइड्रेशन की दिक्कत होने का डर बना रहता है इसलिए अपने साथ ओआरएस जरूर रखें.
वैसे वर्टिगो होने पर तुरंत डॉक्टरी इलाज लेना चाहिए. इन घरेलू नुस्खों को आप आजमा सकते हैं लेकिन इसके लिए डॉक्टर या एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें.

