Abhay Chautala Threat Case: केंद्र सरकार पर हाईकोर्ट सख्त; अभय चौटाला को धमकी मामले में जवाब न देने पर लगेगा भारी जुर्माना

इनेलो नेता अभय चौटाला को मिली जान से मारने की धमकी के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी है। कोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई तक जवाब दाखिल न करने पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। जानें अभय चौटाला की सुरक्षा और लंदन से जुड़ी कॉल की पूरी अपडेट।

 
करण चौटाला व्हाट्सएप कॉल
चंडीगढ़ : इंडियन नैशनल लोकदल (इनैलो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला को व्हाट्सएप कॉल के जरिए दी गई जान से मारने की धमकी के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार के रवैये पर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने कहा कि यदि उसके पहले दिए गए आदेश के बावजूद अगली सुनवाई तक केंद्र सरकार जवाब दाखिल नहीं करती है तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। 

चंडीगढ़ पुलिस की ओर से डी.एस.पी. लक्ष्य पांडेय ने शपथपत्र दाखिल कर अदालत को बताया कि मामले में पहले ही एफ.आई.आर. दर्ज की जा चुकी है और आरोपी की पहचान व गिरफ्तारी के प्रयास लगातार जारी हैं। पुलिस के अनुसार 15 जुलाई, 2025 की रात को अभय चौटाला के पुत्र कर्ण चौटाला के मोबाइल फोन पर एक व्हाट्सएप कॉल आई थी जिसमें कथित तौर पर जान से मारने की धमकी दी गई थी। शिकायत के आधार पर चंडीगढ़ के सैक्टर-3 थाने में मामला दर्ज कर जांच साइबर सैल को सौंपी गई। यह नंबर ब्रिटिश टैलीक म्युनिके शंस पी. एल. सी., लंदन में पंजीकृत पाया गया।

सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में पुलिस ने अदालत को बताया कि अभय चौटाला के खतरे का आकलन करवाया गया है। रिपोर्ट में संभावित खतरे की आशंका बनी हुई है। इसी को देखते हुए चंडीगढ़ के सैक्टर-9/ए स्थित उनके मकान नंबर-80 के आसपास बीट पैट्रोलिंग और पी.सी. आर. वाहनों की गश्त बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। अदालत ने फिलहाल केंद्र सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए एक और अवसर देते हुए मामले की सुनवाई आगे के लिए टाल दी। पुलिस के शपथपत्र के अनुसार अभय सिंह चौटाला को हरियाणा सरकार पहले ही संरक्षित व्यक्ति घोषित कर चुकी है और उन्हें वाई-प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है।