Assam Election 2026: कांग्रेस को बड़ा झटका, जलुकबारी समेत 3 सीटों पर नामांकन खारिज!

असम चुनाव से पहले कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ीं! जलुकबारी, हाफलोंग और ढकुआखाना सीट से कांग्रेस उम्मीदवारों के नामांकन पत्र रद्द। चुनाव आयोग की 5 राज्यों के साथ बड़ी बैठक।

 
चुनाव आयोग की बैठक 2026

असम विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के 3 उम्मीदवारों को बड़ा झटका लगा है. 3 नेताओं के नामांकन खारिज हो गए हैं. इनमें से एक का नामांकन जलुकबारी सीट से था, जहां से मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा चुनाव लड़ रहे हैं. अब तक कुल 18 नामांकन पत्र खारिज हो चुके हैं. निर्वाचन आयोग की वेबसाइट के अनुसार, ढकुआखाना सीट से कांग्रेस उम्मीदवार आनंद नराह, हाफलोंग सीट से निर्मल लंगथासा और जलुकबारी सीट से विदिशा नेओग के नामांकन पत्र खारिज कर दिए गए हैं.

ढकुआखाना सीट पर अभी बीजेपी के पूर्व मंत्री नबा कुमार डोले का कब्जा है. हाफलोंग सीट के लिए बीजेपी की कैबिनेट मंत्री नंदिता गारलोसा की कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में उम्मीदवारी स्वीकार कर ली गई है. गोरलोसा रविवार रात को कांग्रेस में शामिल हुई थीं. इसके अगले ही दिन उन्होंने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. जिन 3 नेताओं के नामांकन पत्र खारिज किए गए हैं उनके बारे में निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर जानकारी नहीं दी गई है.

किस पार्टी के कितने उम्मीदवारों के नामांकन खारिज

अब तक जिन उम्मीदवारों के नामांकन खारिज किए जा चुके हैं, उनमें झारखंड मुक्ति मोर्चा और वोटर्स पार्टी इंटरनेशनल के 3-3 उम्मीदवार, एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) और अपनी जनता पार्टी का 1-1 उम्मीदवार और 8 निर्दलीय उम्मीदवार हैं. बता दें कि राज्य विधानसभा के 126 सदस्यों के लिए 815 से अधिक उम्मीदवारों ने कुल 1389 नामांकन पत्र दाखिल किए, जिनमें से कई उम्मीदवारों ने एक से अधिक सेट में नामांकन पत्र दाखिल किए.

विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ी बैठक

उधर, चुनाव आयोग ने चुनावी तैयारियों को और पुख्ता करने के मकसद से 5 चुनावी राज्यों और उनके पड़ोसी राज्यों के अधिकारियों के साथ बैठक की. चुनाव आयोग ने एमडीसीईआई के साथ भी बैठक कर समन्वय बढ़ाने, अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने और चुनावी राज्यों में शांतिपूर्ण, सुरक्षित, हिंसा-मुक्त व प्रलोभन-मुक्त मतदान सुनिश्चित करने की रणनीति पर चर्चा की.

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने वोटर्स को प्रलोभन देने लिए पैसे और शराब के इस्तेमाल पर रोक लगाने के मकसद से 6 साल के अंतराल के बाद अपनी आर्थिक आसूचना इकाई को फिर से सक्रिय किया था. बता दें कि असम, केरल, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में अगले महीने विधानसभा चुनाव होने हैं. बंगाल और असम की अंतरराष्ट्रीय सीमा बांग्लादेश से लगती है, जिसे देखते हुए सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था पर विशेष जोर दिया जा रहा है.