बंगाल चुनाव: 93% वोटिंग के बाद डेटा वॉर, डेरेक ओ ब्रायन ने अमित शाह को घेरा
बंगाल चुनाव के पहले चरण में रिकॉर्ड 93% मतदान। अमित शाह के 110+ सीटों के दावे पर डेरेक ओ ब्रायन का पलटवार, डेटा शेयर कर बताया क्यों कम हुए कुल वोट।
बंगाल चुनाव के पहले चरण में 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान हो चुका है. चुनाव आयोग के मुताबिक, इस चरण में 3.60 करोड़ वोटर्स में से 3.35 करोड़ ने वोट दिया यानी 93 फीसदी मतदान हुआ. मतदान के बाद बीजेपी और टीएमसी अपनी-अपनी जीत के दावे कर रही है. केंद्रीय गृह मंत्री ने तो यहां तक दावा किया है कि भाजपा इन 152 सीटों में से 110 से अधिक सीटें जीतेगी. वहीं, टीएमसी ने बीजेपी पर हमला बोला है और कहा है कि चुनावी गणित समझाते हुए दावा किया है कि 2021 की तुलना में 2026 में कम वोटिंग हुई है.
टीएमसी के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने एक पोस्ट में लिखा, अमित, आपकी पोल खोलना कितना आसान है और झूठी कहानियां बनाने की कोशिश को भी. यहां पहले चरण पर बीजेपी के प्रोपेगैंडा की पोल खोलने के लिए पक्का डेटा है. 2021 के मुकाबले 2026 में डाले गए कुल वोटों की संख्या कम हुई है.
उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, सबसे पहले, आइए 2021 के चुनावों के डेटा पर नजर डालें-
- कुल वोटर: 3.67 करोड़
- वोटिंग प्रतिशत: 84%
- डाले गए कुल वोट: 3.10 करोड़
अब, एसआईआर के बाद पहले चरण की वोटिंग का डेटा-
- कुल वोटर: 3.33 करोड़
- वोटिंग प्रतिशत: 92.70%
- डाले गए कुल वोट: 3.09 करोड़
वोटों के बीच का अंतर न के बराबर
टीएमसी सांसद ने कहा, इसका मतलब यह है कि 2021 के मुकाबले 2026 में वोटिंग प्रतिशत ज़्यादा होने के बावजूद, डाले गए कुल वोटों की संख्या असल में कम हुई है. 2021 में डाले गए कुल वोट 3.10 करोड़ थे. 2026 में डाले गए कुल वोट 3.09 करोड़ हैं. इसलिए 2021 के मुकाबले 2026 में डाले गए कुल वोट असल में 83,674 वोटों से कम हुए हैं. 2026 और 2021 में डाले गए वोटों के बीच का अंतर न के बराबर है.
तो 4 मई की दोपहर का इंतज़ार
उन्होंने कहा, 2021 के 83.98% के मुकाबले 2026 में 92.70% का ज़्यादा वोटिंग प्रतिशत पूरी तरह से SIR के बाद कुल वोटरों की संख्या में कमी के कारण है. तो 4 मई की दोपहर का इंतज़ार है.

