CM Nayab Saini Gurugram Visit: 'Gen-Z नहीं, Gen-HB है भारत की धड़कन', गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में बोले मुख्यमंत्री सैनी

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में युवा उद्यमियों से सीधा संवाद कर 25,000 स्टार्टअप नेटवर्क का विजन साझा किया।
 
एमएसएमई मेंटरशिप प्रोग्राम

गुरुग्राम: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम विश्वविद्यालय में आयोजित Gen-H Startup Summit–युवा उद्यमी चौपाल में Gen-Z युवाओं और युवा उद्यमियों से सीधे संवाद किया. उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसी औपचारिक मंच से भाषण देना नहीं, बल्कि युवाओं के बीच बैठकर उनके विचार सुनना, उनकी चुनौतियों को समझना और उनके सवालों का सीधे जवाब देना है.

गुरुग्राम में जेन-एच युवा उद्यमी चौपाल: मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाला समय नई टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और नई सोच का है. उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वो बदलती तकनीक के साथ स्वयं को अपडेट रखें और अपने विचारों को केवल विचार तक सीमित ना रखते हुए उन्हें स्टार्टअप और सफल उद्यम में बदलने का प्रयास करें. इस मौके पर उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह, मुख्यमंत्री के ओएसडी राज नेहरु, वीरेंद्र बड़खालसा, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर संजय कौशिक भी उपस्थित रहे.

जेन-एच नहीं, जेन-एचबी है भारत की हार्टबीट: मुख्यमंत्री ने कहा कि "जेन-जी को हरियाणा के संदर्भ में जेन-एच कहा जा रहा है, लेकिन वे इसे जेन-एचबी यानी हरियाणा-भारत कहना पसंद करेंगे. उन्होंने युवाओं को असफलता से सीख लेने और उसे अपनी पहचान नहीं बनने देने की सलाह दी. सीएम ने कहा "आने वाला समय नई तकनीक, इनोवेशन और नई सोच का है. आज का युवा केवल नौकरी पाने तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि स्वयं का उद्यम स्थापित कर रोजगार देने वाला बनना चाहता है."

'विचारों को सही दिशा देने की जरूरत': मुख्यमंत्री ने कहा कि "हरियाणा के युवाओं में प्रतिभा और क्षमता की कोई कमी नहीं है. जरूरत केवल इस बात की है कि उनके विचारों को सही दिशा, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और आवश्यक संसाधन मिलें. इसी उद्देश्य से राज्य सरकार ऐसा मजबूत उद्यमिता इकोसिस्टम तैयार कर रही है, जहां युवा अपने आइडिया को बिजनेस में बदलने के लिए आवश्यक जानकारी और सहयोग प्राप्त कर सकें."

स्टार्टअप्स के जरिए युवाओं को आगे बढ़ने का मौका: सीएम ने कहा कि सरकार का विजन स्पष्ट है- Idea to Enterprise और Enterprise to Employment. यानी एक विचार को उद्यम में बदलना और उस उद्यम के माध्यम से स्वयं के साथ-साथ अन्य युवाओं के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करना. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार, शिक्षण संस्थानों, उद्योग जगत, स्टार्टअप्स और सामाजिक संस्थाओं को एक मंच पर लाकर युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं.

हरियाणा में में 12500 स्टार्टअप: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि "केंद्र और राज्य सरकार युवाओं के सपनों को साकार करने के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाएगी. स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं को फंडिंग, तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण, मेंटरशिप और बाजार की आवश्यकताओं के संबंध में मार्गदर्शन उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है. इस समय प्रदेश में 12500 स्टार्टअप हैं. प्रत्येक स्टार्टअप अपना एक और नया स्टार्टअप खड़ा करें ताकि प्रदेश में 25000 से ज्यादा स्टार्टअप का नेटवर्क खड़ा हो सके."

युवा उद्यमियों से सीएम से किया संवाद: सीएम ने कहा कि Gen-H युवा उद्यमी चौपाल इसी सोच को आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण मंच है. कार्यक्रम में सफल युवा उद्यमियों द्वारा अपने अनुभव साझा किए जा रहे हैं, ताकि नए उद्यम शुरू करने के इच्छुक युवा यह समझ सकें कि किसी आइडिया को शुरुआत से सफल व्यवसाय तक कैसे पहुंचाया जा सकता है. कार्यक्रम में 6 मास्टर क्लासरूम स्थापित किए गए, जहां सफल उद्यमियों द्वारा युवाओं को स्टार्टअप स्थापित करने तथा उसे आगे बढ़ाने के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई. प्रत्येक मास्टर क्लासरूम में लगभग 50 युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया.

युवाओं को स्टार्टअप शुरू करने की बारीकियों से अवगत कराया: मुख्यमंत्री ने कहा कि "केवल प्रशिक्षण देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि युवाओं को आगे भी व्यावहारिक अनुभव से जोड़ना जरूरी है. इसी उद्देश्य से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को MSMEs से जोड़े जाने की व्यवस्था की गई है, ताकि वे वास्तविक कारोबारी वातावरण को समझ सकें और अपने उद्यम को बेहतर तरीके से आगे बढ़ा सकें. युवा उद्यमी चौपाल में स्थापित Startup Room में सफल उद्यमियों ने युवाओं को स्टार्टअप शुरू करने की बारीकियों से अवगत कराया. बैंकों द्वारा ऋण एवं वित्तीय सहायता से संबंधित जानकारी दी गई, जबकि स्किल यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों ने भी युवाओं को आवश्यक प्रशिक्षण और मार्गदर्शन प्रदान किया."

'हरियाणा का युवा नई सोच से आगे बढ़ रहा': Gen-H Startup Summit में प्रदेश के युवाओं की उद्यमशील क्षमता का व्यापक प्रदर्शन देखने को मिला. राज्य के Ideathon में अब तक 45 हजार से अधिक आइडिया सामने आ चुके हैं, जबकि लगभग 400 युवा उद्यमियों ने इस समिट में भाग लिया. इनमें से चुनिंदा युवा उद्यमियों ने राउंडटेबल चर्चा के माध्यम से अपने अनुभव, चुनौतियां और नए विचार साझा किए. मुख्यमंत्री ने कहा कि "इतनी बड़ी संख्या में युवाओं के नए विचार सामने आना इस बात का प्रमाण है कि हरियाणा का युवा नई सोच और नई संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है. जरूरत इन विचारों को सही दिशा देने और उन्हें सफल उद्यमों में परिवर्तित करने की है."