Gokul Setia Statement: उचाना और सिरसा की राजनीति गरमाई, कांग्रेस विधायक ने नेतृत्व की चुप्पी पर उठाए बड़े सवाल

सिरसा से कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर पार्टी नेतृत्व और स्थानीय सांसद पर नियुक्तियों में अनदेखी के गंभीर आरोप लगाए हैं।

 
Congress party leadership dispute Haryana

हरियाणा कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान और गुटबाज़ी एक बार फिर सतह पर आ गई है। सिरसा से विधायक गोकुल सेतिया ने सोशल मीडिया पर एक तीखी पोस्ट साझा करते हुए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और स्थानीय सांसद पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि संगठन की नियुक्तियों के दौरान उनकी पूरी तरह से अनदेखी की गई है और पार्टी विरोधी गतिविधियों पर भी उच्च नेतृत्व चुप्पी साधे बैठा है, जिससे कार्यकर्ताओं में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

🎯 सांसद मैडम की भूमिका पर उठाए बड़े सवाल: नगर परिषद चुनाव और विधानसभा के दौरान असहयोग का लगाया गंभीर आरोप

विधायक गोकुल सेतिया ने अपनी पोस्ट में सवाल उठाते हुए कहा कि सिरसा में पार्टी के प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष ने नियुक्तियों से पहले स्थानीय विधायक (खुद सेतिया) से राय लेना भी उचित नहीं समझा। उन्होंने स्थानीय सांसद पर निशाना साधते हुए कहा कि उचाना की यात्रा के कुछ ही दिनों बाद वहां के नेताओं को सिरसा का प्रभारी बना दिया गया, जो सांसद की सहमति के बिना संभव नहीं था। सेतिया ने सीधा सवाल किया कि "आखिर सांसद जी को मुझसे क्या दिक्कत है, वे खुलकर बताएं।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विधानसभा और नगर परिषद चुनावों के दौरान सांसद के समर्थक आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ खड़े रहे, लेकिन इसके बावजूद आंखें मूंद ली गईं।

⚠️ 'मैं चुप था इसका मतलब यह नहीं कि आँखें बंद हैं': विरोधियों को पद देने पर दी कड़ी चेतावनी

गोकुल सेतिया ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि पार्टी में लगातार उनके विरोधियों को ही महत्वपूर्ण नियुक्तियां दी जा रही हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि वे अब तक शांत थे, लेकिन इसका यह कतई मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए कि उन्होंने अपनी आंखें बंद कर रखी हैं। हरियाणा कांग्रेस के भीतर मचे इस सियासी बवाल के बाद से राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं कि क्या पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इस मामले में कोई हस्तक्षेप करेगा या आंतरिक कलह और अधिक गहरी होगी।