गुड़गांव नगर निगम चुनाव स्थगित: डिप्टी मेयर पदों के लिए अभी और इंतजार
मेयर की तबीयत खराब होने के कारण गुड़गांव सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव स्थगित। हाईकोर्ट के 8 हफ्ते के अल्टीमेटम के बीच बढ़ी राजनीतिक हलचल।
गुड़गांव : नगर निगम गुड़गांव को सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के लिए अभी और इंतजार करना होगा। आज दोनों पदों पर होने वाले चुनाव को स्थगित कर दिया गया है। इसके पीछे मेयर राज रानी मल्होत्रा की तबीयत खराब होने की बात कही जा रही है। वहीं, बुधवार शाम को चुनाव स्थगन को लेकर केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत ने रेवाड़ी में आयोजित एक कार्यक्रम को लेकर साफ कह दिया था कि वह प्रयास करेंगे कि इस चुनाव को कुछ दिनों के लिए टाल दिया जाए क्योंकि वह तैयार नहीं है।
चुनाव स्थगित होने से गुड़गांव की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है। वहीं, पार्षदों की मानें तो इस चुनाव को लेकर उन्हें कोई समय ही नहीं दिया गया। बस दो दिन पूर्व सूचना दी गई कि सदन की बैठक के दौरान चुनाव होंगे। ऐसे में वह किसी भी तरह से तैयार नहीं हैं। आज जब वह बैठक के लिए हिपा स्थित कांफ्रेंस हॉल पहुंचे तो यहां उन्हें पता लगा कि मेयर राजरानी की तबीयत खराब होने के कारण चुनाव को टाल दिया गया है। हालांकि अभी चुनाव की अगली तारीख निश्चित नहीं की गई है।
आपको बता दें कि बुधवार को रेवाड़ी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जब मानेसर मेयर व 7 पार्षदों ने जब भाजपा का दामन थाना और इसके बाद जब पत्रकारों ने केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत से गुड़गांव सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर के चुनाव को लेकर प्रश्न पूछा तो उन्होंने कहा कि वह इस चुनाव के लिए तैयार नहीं है। ऐसे में वह प्रयास कर रहे हैं कि चुनाव कुछ दिनों के लिए टल जाए ताकि उन्हें तैयारी का मौका मिल जाए। वहीं, सूत्रों की मानें तो चुनाव की तारीख डिक्लेयर होते ही कैबिनेट मंत्री राव नरबीर और केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत के खेमे के पार्षदों में भी हलचल बढ़ गई और वह मंत्री आवास पर पहुंच गए।
आपको बता दें कि मार्च 2025 में नगर निगम चुनाव के बाद से सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर के पद का चुनाव नहीं हो पाया। इस चुनाव को लेकर गुड़गांव के अधिवक्ता रोहित मदान ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने मार्च महीने में आदेश देकर 8 सप्ताह में चुनाव कराने के लिए कहा था। यह समय 5 मई को पूरा हो रहा है। ऐसे में क्यास लगाए जा रहे हैं कि जिस तरह से अपने बयान के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत ने कहा था कि यह चुनाव 3 मई तक कराए जाएंगे। अब देखना यह होगा कि दोनों पदों को भरने के लिए चुनाव 5 मई से पहले हो पाते हैं या हाईकोर्ट के आदेशों के अवहेलना की जाती है।

