हरियाणा: 'म्हारी सड़क' एप पर लापरवाही पड़ी भारी, CM ने दिए 12 अफसरों पर एक्शन के आदेश

हरियाणा में गड्ढा मुक्त सड़कों के लिए CM नायब सैनी सख्त। 12 अधिकारियों पर गाज, डिफ़ेक्ट लायबिलिटी पीरियड (DLP) न मानने वाले ठेकेदारों की बैंक गारंटी होगी जब्त।

 
Haryana Interstate Border Road Maintenance

चंडीगढ़: हरियाणा में गड्ढा मुक्त सड़कों के लिए संचालित म्हारी सड़क एप की मुख्यमंत्री ने मासिक समीक्षा की। इस दौरान 7 जिलों में शिकायतों के समाधान के बजाय दूसरे के क्षेत्राधिकार में सड़कों को बताने वाले 12 से अधिक अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड (डीएलपी) के तहत कोई ठेकेदार या एजेंसी मरम्मत के कार्य नहीं करती है तो बैंक गारंटी जब्त करने के आदेश दिए हैं।

मुख्यमंत्री नायव सिंह सैनी ने मासिक समीक्षा बैठक में भिवानी, हिसार, फतेहाबाद, रोहतक, गुरुग्राम, करनाल और पानीपत जिलों की कुछ शिकायतों का भी उल्लेख किया। इसमें संबंधित विभागों ने शिकायतों को अपने क्षेत्राधिकार से बाहर बताकर बार-बार दूसरे विभागों को ट्रांसफर कर दिया।

अब तक 63,389 किलोमीटर कुल 1,43,065 सड़कों की मैपिंग की गई है। 31,939 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने एग्रीगेटर कंपनियों जैसे से जुड़े टैक्सी चालकों व हरियाणा के आरटीओ कार्यालयों में टैक्सी पासिंग के लिए आने वाले चालकों के मोबाइल में भी यह एप डाउनलोड कराने के निर्देश दिए। इससे सड़कों की वास्तविक स्थित सरकार तक पहुंच सके।

सड़कों के निर्माण और मरम्मत में को लेकर टेंडर की प्रक्रिया में अधिक समय लगता है इसलिए अब बिड सबमिशन के लिए 10 दिन में कार्रवाई के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने हरियाणा के अंतरराज्यीय बॉर्डर क्षेत्रों की सड़कों की विशेष देखभाल, मरम्मत और निर्माण कार्यों पर भी ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, अतिरिक्त मुख्य सचिव पीडब्ल्यू (बीएंडआर) विभाग एके सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव विकास एवं पंचायत विभाग विजेंद्र कुमार, आदि शामिल रहे।