हरियाणा: उद्योगों के लिए सिंगल विंडो 2.0 लागू, शिक्षा सुधार को मिलेंगे ₹5-5 करोड़
CM नायब सैनी ने लॉन्च किया विजन 2047 रोडमैप। उद्योगों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 और विश्वविद्यालयों को ₹5 करोड़ की ग्रांट। जानें शिक्षा और निवेश के बड़े लक्ष्य।
चंडीगढ़ : प्रदेश में 30 मई 2026 तक उद्योगों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 नरों लागू होगा। इससे उद्योगों की मंजूरी नायब सैनी प्रक्रिया में तेजी आएगी। बेहतर प्रदर्शन करने वाले विश्वविद्यालयों को शिक्षा सुधार के लिए 5-5 करोड़ रुपये की ग्रांट दी जाएगी।
सचिवालय में मंगलवार को सीएम नायब सिंह सैनी ने विभागों के 5 वर्षीय कार्यान्वयन रोडमैप की समीक्षा करते हुए राज्य के लिए 2030 और 2047 विजन के तहत शिक्षा व उद्योग क्षेत्र में बड़े लक्ष्य तय किए हैं। सीएम ने विजन टू एक्शन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्लानिंग टूल लॉन्च किया जिससे विभागों की प्रगति की सालाना निगरानी होगी।
नई शिक्षा नीति के तहत वर्ष 2047 तक विश्वविद्यालयों में सकल नामांकन अनुपात 30 फीसदी से बढ़ाकर 50 फीसदी करने का लक्ष्य रखा गया है। हर जिले में मॉडर्न संस्कृति महाविद्यालय स्थापित किए जाएंगे जिनके कैंपस 2028 तक तैयार होंगे। दिव्यांग बच्चों के लिए प्रत्येक जिले में विशेष स्कूल खोले जाएंगे व हर स्कूल व कॉलेज की वरिष्ठ अफसरों द्वारा मासिक मॉनिटरिंग होगी। साथ ही चार नए पॉलिटेक्निक, 50 फीसदी कौशल आधारित कोर्स और महिलाओं की तकनीकी भागीदारी बढ़ाने पर भी काम होगा।
2030 विजन के तहत उद्योगों व रोजगार पर जोर उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने बताया कि उद्योग विभाग ने 2030 तक 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश, 5 हजार नए स्टार्टअप और एमएसएमई सेक्टर को मजबूत करने का लक्ष्य रखा है। 100 स्किल सेंटर स्थापित कर युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। सीएम ने स्पष्ट किया कि 2030 तक आर्थिक व औद्योगिक विकास व 2047 तक शिक्षा, कौशल और मानव संसाधन विकास को मजबूत बनाकर हरियाणा को विकसित राज्य बनाया जाएगा।

