Haryana Rajya Sabha Election 2026: भाजपा ने संजय भाटिया को बनाया उम्मीदवार; क्या फिर होगा कांग्रेस के साथ 'खेल'? जानें पूरा सियासी समीकरण
हरियाणा में राज्यसभा चुनाव 2026 की सरगर्मी तेज! बीजेपी ने करनाल के पूर्व सांसद संजय भाटिया को प्रत्याशी बनाया है। क्या 2022 की तरह इस बार भी कांग्रेस की गुटबाजी का फायदा उठाकर कोई निर्दलीय 'खेल' करेगा? जानें नामांकन और वोटिंग का पूरा गणित।
चंडीगढ़ : अप्रैल में खाली हो रही हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपने एक उम्मीदवार का नाम तय कर लिया है। भाजपा ने करनाल लोकसभा से पूर्व सांसद और पंजाबी समुदाय से आने वाले संजय भाटिया को प्रत्याशी बनाया है।
संजय भाटिया संघ की पृष्टभूमि से आते हैं और संगठन में लंबा अनुभव होने के चलते उन्हें ईनाम के तौर पर पार्टी राज्यसभा भेज रही है। प्रदेश की दो राज्यसभा सीटें अगले महीने खाली हो रही हैं। रामचंद्र जांगड़ा और किरण चौधरी का कार्यकाल खत्म हो रहा है। अब सभी की निगाहें कांग्रेस की तरफ हैं कि आखिर कांग्रेस किसे राज्यसभा प्रत्याशी बनाती है।
पंजाबी समुदाय से ताल्लुक रखने वाले संजय भाटिया को राज्यसभा उम्मीदवार बनाकर भाजपा एक तीर से कई निशाने साध रही है। अगले साल की शुरुआत में ही पंजाब में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में पंजाबी व्यक्ति को राज्यसभा भेजकर भारतीय जनता पार्टी पंजाबियों को बड़ा संदेश देने की कोशिश कर रही है। संघ और संगठन से लंबे समय से जुड़ाव और मनोहर लाल के नजदीक होने का भी संजय भाटिया को लाभ मिला है।
क्या फिर होगा कांग्रेस के साथ खेल?
हरियाणा के राजनीतिक गलियारों में पुरजोर चर्चा ये भी है कि खाली हुई राज्यसभा की दो सीटों पर भाजपा दो उम्मीदवार उताकर विरोधियों के खेमे हलचल पैदा कर सकती है। फिलहाल भाजपा ने एक ही उम्मीदवार का नाम घोषित किया है लेकिन अभी नामांकन के दो दिन का समय शेष है तो सवाल ये उठता है कि क्या दूसरा प्रत्याशी भी भाजपा द्वारा उताया जाएगा या फिर 2022 की तरह निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में आकर कांग्रेस की गुटबाजी का फायदा उठाकर राज्यसभा पहुंचने में कामयाब होगा।
हालांकि इस बार किसी भी प्रकार का खेल होने की संभावना कम जताई जा रही है। माना जा रहा है हुड्डा खेमे के 37 में से 32 विधायक हैं और हाईकमान द्वारा सभी नेताओं और विधायकों को साफ निर्देश हैं कि इस बार गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए। 2022 के चुनाव में अजय माकन हरियाणा के हाईकमान के उम्मीदवार थे लेकिन भाजपा-जजपा के समर्थित उम्मीदवार कार्तिकेय शर्मा कांग्रेस में गंभीर असंतोष का फायदा उठाने में कामयाब रहे जिसके बाद माकन को हार का सामना करना पड़ा।

