राज्यसभा चुनाव: गोकुल सेतिया का कांग्रेस को अल्टीमेटम, 'गद्दारों' को निकालो बाहर!

हरियाणा राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग पर कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया का बड़ा बयान। गद्दारी करने वाले विधायकों के नाम सार्वजनिक करने और सख्त कार्रवाई की मांग।

 
Hathin MLA Mohammad Israil Statement

सिरसा : हरियाणा के राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासत गरमा गई है और इसी बीच सिरसा से कांग्रेस विधायक Gokul Setia ने अपनी ही पार्टी के नेताओं को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जो विधायक पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर वोटिंग करते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। गोकुल सेतिया ने कहा कि कांग्रेस को ऐसे विधायकों को तुरंत निष्कासित करना चाहिए, जिन्होंने चुनाव में पार्टी के साथ गद्दारी की है। उनका मानना है कि पार्टी की खिलाफत करने वालों के नाम सार्वजनिक किए जाने चाहिए, ताकि कार्यकर्ताओं और जनता को सच्चाई पता चल सके। 

उन्होंने यह भी मांग की कि जिन विधायकों के वोट कैंसिल हुए हैं, उनके नाम भी उजागर किए जाएं। सेतिया ने कहा कि उन्होंने खुद “पानी हाथ में लेकर” कांग्रेस उम्मीदवार कर्मवीर बौद्ध को ही वोट देने की कसम खाई थी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 4 विधायकों के कैंसिल वोट पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो इससे गलत संदेश जाएगा और भविष्य में ऐसे मामलों की संख्या बढ़ सकती है। 

सेतिया ने कहा कि पहले ही 5 विधायक खुलेआम क्रॉस वोटिंग कर चुके हैं और 4 विधायकों के वोट कैंसिल हुए हैं। अगर पार्टी ने अभी सख्ती नहीं दिखाई, तो यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। उन्होंने कांग्रेस हाईकमान से अपील की कि जल्द से जल्द ऐसे विधायकों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएं। अपने ऊपर लगे किसी भी आरोप को खारिज करते हुए सेतिया ने कहा कि उनका पार्टी के खिलाफ वोट डालने में कोई रोल नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें  बीजेपी की तरफ से किसी तरह का प्रलोभन या दबाव नहीं दिया गया। हालांकि, उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की तारीफ जरूर की और कहा कि वह पहले भी उनकी सराहना करते थे और आगे भी करते रहेंगे।

वहीं हथीन से विधायक मोहम्मद इसराइल के कांग्रेस से अगला चुनाव नहीं लड़ने के बयान पर भी सेतिया ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर वह कांग्रेस से चुनाव नहीं लड़ना चाहते है तो फिर इतने समय तक पार्टी की बैठकों में क्यों शामिल होते रहे। सेतिया ने कहा कि अगर पार्टी ऐसे नेताओं को बाहर करती है, तो उनकी सदस्यता भी समाप्त हो सकती है।