हरियाणा: ग्रामीण सफाईकर्मियों की हड़ताल खत्म, सरकार ने मानी 17 मांगें

पानीपत में मंत्रियों के साथ बैठक के बाद ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त। सरकार ने 18 में से 17 मांगें मानी। न्यूनतम वेतन और भत्तों में बढ़ोतरी पर बनी सहमति।

 
न्यूनतम वेतन बढ़ोतरी हरियाणा

पानीपत : सरकार ने ग्रामीण सफाईकर्मियों की 18 में से 17 मांगों को मान लिया है। इसके बाद यूनियन ने हड़ताल वापस ले ली है। पानीपत के लोक निर्माण विभाग के विश्रामगृह में शुक्रवार को प्रदेश के पंचायत मंत्री  कृष्णलाल पंवार और सामाजिक न्याय मंत्री  कृष्ण बेदी के साथ शाम को छह बजे से देर रात साढ़े नौ बजे तक बैठक चली। बैठक में ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन हरियाणा यूनियन के प्रतिनि​धियों ने अपनी मांगों को रखा था। इसे सौहार्दपूर्वक बैठक में मांग लिया गया। 

विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने जानकारी देते हुए बताया कि यह बैठक मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के दिशा निर्देश पर आयोजित की गई थी जो की बहुत ही सौहार्दपूर्ण रही है। उन्होंने बताया कि कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की जो मांग थी उसमें हाई कोर्ट का एक फैसला आया है जिस पर सरकार के साथ समीक्षा कर बैठक की जाएगी और उस पर निर्णय लिया जाएगा। बाकी इसके अलावा सभी 17 मांगों पर सहमति बना ली गई है।

कर्मचारियों ने मांग की कि 31 दिसंबर 2005 के उच्च न्यायालय के आदेश का अनुसार सभी कच्चे कर्मचारियों को तुरंत पक्का किया जाए। इस पर विकास एवं पंचायत मंदिर कृष्ण लाल  पंवार  ने कहा कि हाईकोर्ट के फैसले की समीक्षा कर इस पर निर्णय लिया जाएगा। प्रत्येक गांव में 400 की आबादी पर एक सफाई कर्मचारी लगाया जाए। न्यूनतम वेतन मुख्यमंत्री द्वारा घोषित तुरंत लागू करवाया जाए। वर्दी भत्ता, धुलाई भत्ता, औजार खरीद के लिए भते में बढ़ोतरी की जाये। एक्स ग्रेशिया पॉलिसी लागू की जाए तथा मृतक कर्मचारियों के परिजन को पक्की सरकारी नौकरी दुर्घटना में मौत होने पर 50 लाख रुपए और पक्की नौकरी  दी जाए। सेवानिवृत्ति पर एकमुश्त 10 लाख रुपए और गग्रेच्युटी का लाभ दिया जाए,आदि मांगों पर सहमति बनी है।