Maharashtra News: महाराष्ट्र में धर्मांतरण विरोधी कानून को कैबिनेट की मंजूरी; जबरन धर्म परिवर्तन पर अब जेल, किसानों की कर्ज माफी का भी रास्ता साफ
महाराष्ट्र कैबिनेट ने सख्त धर्मांतरण विरोधी विधेयक (Anti-Conversion Bill) को मंजूरी दे दी है। मंत्री नितेश राणे के अनुसार, यह कानून अन्य राज्यों से अधिक कठोर होगा। साथ ही, कृषि मंत्री ने 30 जून से पहले किसानों की ऐतिहासिक कर्ज माफी की घोषणा करने का वादा किया है।
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में लंबे समय से लंबित धर्मांतरण विरोधी कानून को लेकर बड़ा फैसला लिया है. कैबिनेट ने एंटी कन्वर्जन (धर्मांतरण विरोधी) विधेयक को मंजूरी दे दी है. सरकार के इस फैसले के बाद अब जल्द ही इस संबंध में शासन निर्णय (जीआर) जारी किए जाने की तैयारी है. राज्य के मंत्री नितेश राणे ने कहा कि महाराष्ट्र में लंबे समय से धर्मांतरण विरोधी कानून की मांग की जा रही थी.
मंत्री नितेश राणे ने कहा कि कई हिंदुत्व संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे को लेकर वर्षों तक आंदोलन और मोर्चे निकाले थे. उन्हीं मांगों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है. नए कानून के तहत अगर कोई व्यक्ति जबरन, धोखे से या प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराता है तो उसके खिलाफ नॉन-बेलेबल अपराध के तहत मामला दर्ज किया जाएगा.
आरोपियों को आसानी से जमानत नहीं मिलेगी
उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी संभव होगी और उन्हें आसानी से जमानत नहीं मिल सकेगी. कानून के सभी तकनीकी और कानूनी पहलुओं की विस्तृत जानकारी जल्द ही सार्वजनिक की जाएगी. ताकि आम नागरिकों को इसके प्रावधानों की स्पष्ट समझ मिल सके. मंत्री ने दावा किया कि महाराष्ट्र का प्रस्तावित धर्मांतरण विरोधी कानून अन्य राज्यों की तुलना में अधिक सख्त और प्रभावी होगा.
उन्होंने विशेष रूप से मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां लागू कानूनों से भी अधिक कठोर प्रावधान महाराष्ट्र के विधेयक में शामिल किए गए हैं. इस मंजूरी से इतर राज्य सरकार किसानों को बड़ी राहत देने जा रही है.राज्य के कर्जदार किसानों के सिर पर बोझ जल्द ही कम होने वाला है. सरकार जल्द ही कर्ज माफी की घोषणा करने वाली है.
कर्ज माफी के संबंध में बड़ा फैसला लेगी सरकार
कृषि मंत्री दत्तात्रेय भारणे ने बताया कि राज्य सरकार 30 जून से पहले किसानों के कर्ज माफी के संबंध में एक ऐतिहासिक और बड़ा फैसला लेगी. उन्होंने यह जानकारी राज्य के बजट सत्र के दौरान दी.सरकार ने इस संबंध में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है, जो ऋण माफी पर फैसला लेगी.
समिति की रिपोर्ट अप्रैल के पहले सप्ताह में आएगी.इसके बाद 30 जून से पहले अंतिम घोषणा की जाएगी. सरकार केवल ऋण माफी तक ही सीमित नहीं रहेगी बल्कि कृषि को टिकाऊ बनाने के लिए आधुनिक नीति लागू करेगी. इससे किसानों को मौसम, कीटों और बीमारियों की चेतावनी दी जाएगी.

