Faridabad News: "भ्रष्ट नेताओं के मुंह से भ्रष्टाचार की बातें शोभा नहीं देतीं"; नीरज शर्मा का कृष्णपाल गुर्जर पर बड़ा हमला

फरीदाबाद नगर निगम घोटाले पर पूर्व विधायक नीरज शर्मा के तीखे तेवर। केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर को दी चुनौती, पूछा- 200 करोड़ के गबन के वक्त कहां थे ये नेता?

 
Neeraj Sharma CBI Inquiry Demand

फरीदाबाद: पूर्व विधायक नीरज शर्मा ने फरीदाबाद नगर निगम में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया. कष्ट निवारण समिति की बैठक में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर और कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को क्लास लगाई थी. इस पर कांग्रेस नेता ने कहा कि "फरीदाबाद के सबसे भ्रष्ट नेताओं के मुंह से भ्रष्टाचार के खिलाफ बातें शोभा नहीं देतीं. जो नेता आज अधिकारियों के बच्चों को कीड़े पड़ने की बात कर रहे हैं, वो उस वक्त कहां छिपे थे. जब उनकी नाक के नीचे नगर निगम में 200 करोड़ का महाघोटाला अंजाम दिया जा रहा था? क्या उस समय इन मंत्रियों और विधायकों की जुबान पर भ्रष्टाचार का फेविकोल लगा हुआ था?

बीजेपी सांसद और विधायक पर आरोप: नीरज शर्मा ने कहा कि "आज भ्रष्टाचार पर घड़ियाली आंसू बहाने वाले नेताओं को अपना पिछला आचरण नहीं भूलना चाहिए. जब ये ब्राह्मण (नीरज शर्मा) नंगे पैर इस भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़कों पर खाक छान रहा था, तब सत्ता के गलियारों में बैठे इन लोगों को जनता का दर्द सुनाई नहीं दिया. उस समय घोटाले इसलिए अनदेखे किए गए क्योंकि लूट के माल में सबकी हिस्सेदारी थी. कल तक मेरे विरोध को नौटंकी कहने वाले आज खुद कैमरे के सामने अधिकारियों को कोसने का जो नाटक कर रहे हैं, उसे फरीदाबाद की जनता भली-भांति समझती है"

शपथ पत्र की मांग: नीरज शर्मा ने कहा कि नगर निगम की मलाई से ही इनके चहेतों ने बैंकॉक और सिंगापुर की रंगीन यात्राएं की और जनता के खून-पसीने की कमाई को अय्याशी में उड़ाया गया. उन्होंने चुनौती दी कि अगर इन नेताओं के जमीर में रत्ती भर भी सच्चाई बची है, तो वे एक शपथ पत्र दें कि वे और उनकी ट्रिपल इंजन की सरकार इस लूट में शामिल नहीं थी.

सीबीआई से मामले की जांच की मांग: शर्मा ने कटाक्ष किया कि जनता सब देख रही है कि कैसे जेल जा चुके भ्रष्ट अधिकारियों के साथ ये नेता मिठाइयां खाते हैं और ईमानदार अधिकारियों को सस्पेंड कराने की धमकियां देते हैं. सवालों की बौछार करते हुए पूर्व विधायक ने पूछा कि क्या भाजपा नेताओं में इतनी हिम्मत है कि वे अपनी ही सरकार को पत्र लिखकर इस पूरे घोटाले की जांच सीबीआई या ईडी से कराने की मांग करें?