नीतीश कुमार फिर निकलेंगे बिहार यात्रा पर, जदयू विधानमंडल दल के नेता चुने गए
नीतीश कुमार एक बार फिर पूरे बिहार की यात्रा करेंगे। जदयू विधानमंडल दल की बैठक में उन्हें नेता चुना गया। जानें नीतीश की अब तक की 16 यात्राओं का इतिहास और नया रोडमैप।
बिहार के साथ ही देश की राजनीति में अपनी अलग पहचान बन चुके सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर यात्रा निकालने की तैयारी कर रहे है. इस यात्रा को लेकर के जल्द ही रोड मैप तैयार किया जाएगा और इसके शेड्यूल को भी जल्द ही जारी कर दिया जाएगा. बताया जा रहा है कि इस दौरान सीएम राज्य के लोगों से मिलेंगे और उनकी राय लेंगे.
दरअसल सोमवार (20) को राजधानी पटना स्थित नीतीश कुमार के सरकारी आवास की एक अणे मार्ग पर जनता दल यूनाइटेड विधानमंडल दल के नेता के चयन को लेकर के एक अहम मीटिंग का आयोजन किया गया था. इस मीटिंग के बाद जदयू के मुख्य प्रवक्ता सह विधान पार्षद नीरज कुमार सिंह ने इस बात की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि पार्टी ने सर्वसम्मति से नीतीश कुमार को जदयू विधान मंडल दल के नेता के लिए अधिकृत कर दिया है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि नीतीश कुमार फिर एक बार पूरे बिहार की यात्रा पर निकलेंगे.
जल्द तैयार होगा यात्रा रोड मैप
नीतीश कुमार के राजनीतिक जीवन में संभवतः यह पहला मौका होगा जब वह बिना मुख्यमंत्री रहते हुए यात्रा पर निकलेंगे. पार्टी सूत्रों के मुताबिक इस यात्रा को लेकर के जल्द ही रोड मैप तैयार किया जाएगा और इसके शेड्यूल को भी जारी कर दिया जाएगा.
अब तक 16 यात्राएं कर चुके हैं नीतीश
अपने राजनीतिक जीवन में नीतीश कुमार ने अभी तक 16 यात्राओं को किया है. उन्होंने अपनी सबसे पहली यात्रा जुलाई 2005 में की थी. तब उन्होंने इसका नाम न्याय के साथ विकास यात्रा दिया था. इस यात्रा को नीतीश ने तब निकला था, जब 2005 फरवरी में उनकी अल्पमत की सरकार गिर गई थी. जिसके बाद उन्होंने राज्य की जनता से पूर्ण बहुमत देने की मांग के उद्देश्य से इस यात्रा को निकाला था.
2009 में विकास यात्रा निकाली थी
इसके बाद नीतीश कुमार ने 2009 में विकास यात्रा निकाली थी. 2009 के ही नवंबर और दिसंबर में जब लोकसभा चुनाव में एनडीए ने बेहतरीन प्रदर्शन किया था, तब नीतीश कुमार ने धन्यवाद यात्रा निकाली थी. 2009 के लोकसभा चुनाव में राजद को चार सीटों पर ही जीत मिल सकी थी.
2010 में प्रवास यात्रा
इसी प्रकार 2010 में प्रवास यात्रा, 2010 में ही विधानसभा चुनाव के तुरंत बाद विश्वास यात्रा, 2011 में सेवा यात्रा, 2012 के दिसंबर माह में बिहार को विशेष राज्य दिलाने के उद्देश्य से अधिकार यात्रा, 2014 में चुनाव से पहले संपर्क यात्रा, 2014 में ही विधानसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी को पराजित करने के लिए संकल्प यात्रा को निकाली थी.
वहीं 2016 में नीतीश कुमार ने सात निश्चय योजना की सफलता के लिए निश्चय यात्रा, 2017 में विश्वास निश्चय के परिणाम को जांचने के लिए विकास समीक्षा यात्रा, 2019 के दिसंबर में जल जीवन हरियाली यात्रा और 2021 के दिसंबर में समाज सुधार यात्रा निकाली थी. 2023 के फरवरी माह में नीतीश कुमार ने समाधान यात्रा निकाली थी. वहीं 2024 में प्रगति यात्रा और 2026 में नीतीश कुमार ने समृद्धि यात्रा को निकाली थी. अब एक बार फिर से वो यात्रा निकाले जा रहे हैं.

