Fuel Saving Mission: पीएम मोदी की अपील पर राज्यों का बड़ा फैसला; UP-दिल्ली में WFH, मंत्री करेंगे साइकिल-पैदल सफर

मिडिल ईस्ट तनाव के बीच ईंधन बचाने का महाअभियान! UP और दिल्ली में हफ्ते में 2 दिन Work From Home की एडवाइजरी। सीएम योगी, मोहन यादव सहित कई मुख्यमंत्रियों ने काफिले किए आधे।

 
Maharashtra Ministers Flight Permission Devendra Fadnavis

मध्य पूर्व एशिया में बने तनाव और उससे बिगड़े हालात के बीच पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से लोगों से पेट्रोलियम उत्पादों के संरक्षण करने की अपील का असर दिखने लगा है. उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, त्रिपुरा और दिल्ली समेत कई राज्यों ने पेट्रोलियम पदार्थों के संरक्षण को लेकर कई फैसले लिए हैं.

कई मुख्यमंत्रियों ने अपनी गाड़ियों के काफिले को काफी हद तक छोटा कर दिया है तो कई राज्यों में अपने यहां वर्क फ्रॉम होम को लागू कर दिया गया है तो मुख्यमंत्री- उपमुख्यमंत्री और मंत्री लोग साइकिल, बाइक, रिक्शा या फिर पैदल ही अपने-अपने ऑफिस जाने लगे हैं. दिल्ली ने तो अपने यहां ‘मेरा भारत मेरा योगदान’ अभियान शुरू कर दिया है.

UP: हफ्ते में 2 दिन WFH की व्यवस्था

संरक्षण की अपील पर काम करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपने राज्य को लेकर कई बड़े फैसले लिए हैं. प्रदेश सरकार की ओर से बताया गया कि मुख्यमंत्री योगी ने प्रदेश में ‘वर्क फ्रॉम होम’ (WFH) की संस्कृति को भी प्राथमिकता देने की अपील की. साथ ही उन्होंने कहा कि जिन संस्थानों में बड़ी संख्या में कर्मचारी कार्यरत हैं, उन्हें हफ्ते में 2 दिन WFH की अनुशंसा के लिए राज्य स्तर पर एडवाइजरी जारी की जाए. इसके अलावा राज्य सचिवालय या निदेशालय की 50 फीसदी इंटरनल मीटिंग भी वर्चुअली की जाएं.

साथ ही मुख्यमंत्री ने खुद मुख्यमंत्री और अपने मंत्रियों आदि की फ्लीट में तत्काल प्रभाव से 50 फीसदी की कमी करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि मंत्री, सांसद, विधायक एवं जनप्रतिनिधि हफ्ते में एक दिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें. इसके अलावा सार्वजनिक परिवहन, साइकिलिंग, कार पूलिंग और ईवी के प्रयोग को बढ़ावा दिया जाए.

दिल्लीः पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए अभियान

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पीएम की अपील के बाद पेट्रोल और डीजल बचाने से जुड़े मेरा भारत मेरा योगदान अभियान शुरू कर दिया है. इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकारी अधिकारी और कर्मचारी हफ्ते में 2 दिन घर से काम करेंगे. साथ ही उन्होंने राजधान के हर लोगों से हफ्ते में एक दिन अपने निजी गाड़ियों का इस्तेमाल न करने की भी अपील की. दिल्ली के मंत्री परवेश वर्मा साइकिल से NDMC की बैठक में पहुंचे.

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरा भारत मेरा योगदान अभियान को लेकर पूरी दिल्ली में 90 दिनों तक जन जागरुकता अभियान चलाया जाएगा. इसके तहत स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, आरडब्ल्यूए, महिला समूहों, संस्थानों और कंपनियों में अलग-अलग तरह की शपथ दिलाई जाएंगी.

उन्होंने पोस्ट कर कहा, “हमारी सरकार विभागीय कामकाज के लिए सीमित संख्या में गाड़ियों का इस्तेमाल करेगी. मैं और मेरे सभी कैबिनेट सहयोगी, बीजेपी के सभी विधायक, जनप्रतिनिधि, दिल्ली सरकार के अधिकारी एवं सभी विभाग भी आवश्यकता के अनुरूप न्यूनतम गाड़ियों का उपयोग करेंगे. सभी लोग कार पूल और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देंगे.”

MP: कोई वाहन रैली नहीं निकलेगी

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी कहा कि प्रधानमंत्री के आह्वान पर मध्य प्रदेश राष्ट्रहित में पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के लिए संकल्पित है. अगले आदेश तक मेरे कारकेड में सुरक्षा की दृष्टि से कम से कम गाड़ियां होंगी और भ्रमण के दौरान कोई वाहन रैली नहीं होगी.

मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी मंत्रीगण भी यात्रा के समय कम से कम गाड़ियों का उपयोग करेंगे. साथ ही, नवनियुक्त निगम-मंडल पदाधिकारी सादगी से कार्यभार ग्रहण करेंगे. ऐसे में प्रदेश से भी अनुरोध है कि वे सार्वजनिक परिवहन को अपनाएं क्योंकि राष्ट्रहित सर्वोपरि ही है.

राजस्थानः अनावश्यक यात्रा करने से बचें

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने अपील के बाद निर्देश दिया कि काफिले में चलने वाली गाड़ियों का इस्तेमाल कम से कम किया जाए और अनावश्यक गाड़ियों का उपयोग न किया जाए, विशेष रूप से सुरक्षा के मकसद से.

सीएम सरमा ने मुख्य सचिव सहित सभी अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों को भी इसी तरह के तरीकों को अपनाने का निर्देश दिया है. इन कोशिश का मुख्य मकसद अनावश्यक यात्राओं से बचकर ईंधन की खपत को कम करना और पेट्रोल तथा डीजल का अधिक किफायती इस्तेमाल करना है।

महाराष्ट्रः विमान से जाने से पहले अनुमति

महाराष्ट्र में भी पेट्रोलियम उत्पादों के संरक्षण का अभियान शुरू हो गया है. महाराष्ट्र सरकार ने मंत्रियों को निर्देश दिया है कि वे सरकारी यात्राओं के लिए विमान का इस्तेमाल करने से पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से पहले से मंज़ूरी लें. बीजेपी के वरिष्ठ नेता और राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने पहले ही कहा है कि अब मंत्रियों को सरकारी काम के लिए हवाई यात्रा करने से पहले मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से मंज़ूरी लेनी होगी, सिवाय उन मामलों के जो बहुत ज्यादा जरूरी हों.

बावनकुले ने कहा, “मुख्यमंत्री फडणवीस ने निर्देश दिया है कि मंत्री उनकी पहले से मंज़ूरी लिए बिना विमान का इस्तेमाल नहीं कर सकते. अगर मुझे कहीं बहुत जरूरी काम से जाना होता है, तो मैं विमान का इस्तेमाल करता हूं. मैं साल में सिर्फ चार या पांच बार ही जरूरी काम के लिए हवाई यात्रा करता हूं.” उन्होंने यह भी साफ किया कि फडणवीस खुद अपने बहुत व्यस्त प्रशासनिक कार्यक्रम की वजह से विमान का इस्तेमाल करते रहेंगे. खुद फडणवीस भी कल बाइक से ऑफिस पहुंचे थे.

गुजरातः राज्यपाल करेंगे ट्रेन- बस से यात्रा

प्रधानमंत्री मोदी की अपील के बाद गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने ईंधन बचाने और टिकाऊ जीवन शैली की दिशा में अहम कदम उठाया. राज्यपाल ने ऐलान किया कि वे गुजरात के भीतर यात्रा करने के लिए हेलीकॉप्टर और हवाई जहाजों की जगह ट्रेनों, ST बसों और सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करेंगे, और साथ ही ईंधन बचाने के लिए अपने आधिकारिक काफिले का आकार भी छोटा करेंगे.

उन्होंने गुजरात भर के विश्वविद्यालयों, सरकारी अधिकारियों और नागरिकों से अपील की कि वे राष्ट्र प्रथम और आर्थिक आत्मनिर्भरता की भावना से प्रेरित होकर साइकिल, इलेक्ट्रिक वाहन, सार्वजनिक परिवहन, स्वदेशी उत्पादों और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दें. दूसरी ओर, गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने अपील के बाद अमेरिका का अपना दौरा रद्द कर दिया, जिसमें उन्होंने आम लोगों से से आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने और अनावश्यक विदेश यात्रा से बचने का आग्रह किया था.

बिहारः पैदल ही घर से ऑफिस गए CM

बिहार में भी पीएम मोदी की अपील का असर दिखने लगा है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद पैदल ही अपने घर से ऑफिस तक पहुंचे. उपमुख्यमंत्री और JDU के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी, और 2 अन्य मंत्रियों (लेसी सिंह और शीला मंडल) ने ऐलान किया है कि वे इस दिशा में व्यक्तिगत रूप से कदम उठाएंगे.

उपमुख्यमंत्री चौधरी ने कहा कि इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री की अपील के समर्थन में पूरे देश को एकजुट होना चाहिए. मैंने व्यक्तिगत रूप से अपने इस्तेमाल होने वाले गाड़ियों की संख्या आधी कर दी. मैं केवल तभी आधिकारिक यात्रा करूंगा, जब यह जरूरी होगी.” उन्होंने कहा, “जो लोग प्रधानमंत्री की इस अपील का विरोध कर रहे हैं, वे राष्ट्रीय हित की भावना को समझने में नाकाम रहे हैं.”