संजय दत्त बने हरियाणा कांग्रेस के नए प्रभारी, बीके हरिप्रसाद की जगह ली

कांग्रेस हाईकमान ने संजय दत्त को हरियाणा कांग्रेस का नया प्रभारी नियुक्त किया। संगठनात्मक मजबूती और आगामी चुनौतियों के लिए अहम बदलाव।
 
हरियाणा राजनीति 2026

चंडीगढ़: कांग्रेस हाईकमान ने संगठनात्मक फेरबदल करते हुए वरिष्ठ नेता संजय दत्त को हरियाणा कांग्रेस का नया प्रभारी नियुक्त किया है. उन्होंने बीके हरिप्रसाद की जगह यह जिम्मेदारी संभाली है. पार्टी ने ये फैसला ऐसे समय में लिया है, जब हरियाणा में संगठन को मजबूत करने और आगामी राजनीतिक चुनौतियों की तैयारी पर जोर दिया जा रहा है.

कौन हैं संजय दत्त? संजय दत्त महाराष्ट्र से आने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं. वो लंबे समय से पार्टी संगठन में सक्रिय हैं और संगठनात्मक कामकाज में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है. उन्होंने मुंबई के सिडेनहैम कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन बिजनेस मैनेजमेंट (PGDBM) किया है.

महाराष्ट्र की राजनीति से राष्ट्रीय संगठन तक का सफर: संजय दत्त वर्ष 2012 से 2018 तक महाराष्ट्र विधान परिषद (एमएलसी) के सदस्य रहे. इसके बाद उन्होंने पार्टी संगठन में सक्रिय भूमिका निभाई और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के राष्ट्रीय सचिव बनाए गए. इस दौरान उन्हें मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी की जिम्मेदारी भी दी गई, जहां उन्होंने संगठन को मजबूत करने और पार्टी गतिविधियों के समन्वय का काम संभाला.

इन राज्यों में कर चुके काम: संजय दत्त को संगठन में काम करने का लंबा अनुभव है. उन्हें पहले तमिलनाडु और पुडुचेरी कांग्रेस के प्रभारी सचिव की जिम्मेदारी दी गई थी, जहां उन्होंने पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए काम किया. इसके बाद कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें हिमाचल प्रदेश का सह-प्रभारी बनाया.

अब हरियाणा की जिम्मेदारी: कांग्रेस नेतृत्व ने अब संजय दत्त को हरियाणा कांग्रेस का प्रभारी नियुक्त किया है. उनकी जिम्मेदारी प्रदेश संगठन को मजबूत करना, वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, राजनीतिक रणनीति तैयार करना और आगामी चुनावों की तैयारियों की निगरानी करना होगी. माना जा रहा है कि संगठन में उनके लंबे अनुभव का लाभ हरियाणा कांग्रेस को मिलेगा.

कांग्रेस ने कई राज्यों में किए बदलाव: संगठनात्मक बदलाव के तहत कांग्रेस ने केवल हरियाणा ही नहीं, बल्कि कई अन्य राज्यों में भी प्रभारियों की जिम्मेदारियों में परिवर्तन किया है. पार्टी का उद्देश्य राज्यों में संगठन को अधिक सक्रिय और चुनावी रूप से मजबूत बनाना है. हरियाणा में संजय दत्त की नियुक्ति को भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.