शहीद विनय नरवाल की पहली बरसी: विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने दी श्रद्धांजलि
लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की पहली बरसी पर करनाल पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण। शहीद के नाम पर संस्थान खोलने का आश्वासन। परिवार के साहस को बताया देश की प्रेरणा।
करनाल: पहलगाम आतंकी घटना में शहीद हुए करनाल के वीर सपूत लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की पहली बरसी पर हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण उनके परिवार से मिले. उन्होंने कहा कि ये दिन केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज, प्रदेश और देश की भावनाओं से जुड़ा हुआ है, जो आज भी हर दिल में जीवित है. हरविंदर कल्याण ने भावुक शब्दों में कहा कि "पहलगाम में हुई आतंकी घटना देश के लिए एक काला अध्याय थी, जिसमें विनय नरवाल जैसे बहादुर जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया. विनय जैसे वीरों की शहादत हमें हमेशा देशभक्ति और कर्तव्य के प्रति समर्पण की प्रेरणा देती रहेगी."
विनय नरवाल के परिजनों से मिले विधानसभा अध्यक्ष: हरविंदर कल्याण ने इस घटना को आतंकियों की कायराना हरकत बताते हुए कहा कि "इसकी निंदा केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व ने की थी. ऐसे कठिन समय में देश की एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आई. घटना के समय प्रदेश सरकार, मुख्यमंत्री नायब सैनी, पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल और देश के प्रधानमंत्री द्वारा जो संवेदनशीलता और सहयोग दिखाया गया, वो सराहनीय है."
परिवार के साहस को बताया प्रेरणा: विनय नरवाल के परिवार से मुलाकात के बाद हरविंदर कल्याण ने उनके साहस की खुलकर प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि "इतनी बड़ी क्षति के बावजूद परिवार ने जिस धैर्य और राष्ट्रभक्ति का परिचय दिया, वो पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक है. ऐसी परिस्थितियों में भी उनका हौसला हमें जीवन में आगे बढ़ने की सीख देता है."
विनय के नाम पर संस्थान की मांग पर आश्वासन: परिवार की ओर से विनय नरवाल के नाम पर सरकारी संस्थान खोलने की मांग पर उन्होंने सकारात्मक रुख दिखाते हुए कहा कि इस विषय पर पहले भी चर्चा हो चुकी है और इसे आगे बढ़ाया जाएगा. उन्होंने आश्वासन दिया कि इस बारे में मुख्यमंत्री से बात कर उचित कदम उठाए जाएंगे.
शहीद दर्जे पर दिया संतुलित जवाब: विनय नरवाल को अभी तक आधिकारिक रूप से शहीद का दर्जा न मिलने के सवाल पर हरविंदर कल्याण ने कहा कि ये एक नीतिगत विषय है, जिस पर राष्ट्रीय स्तर पर निर्णय होते हैं. हालांकि उन्होंने ये भी जोड़ा कि समाज में विनय को जो सम्मान मिला है, वो किसी भी दर्जे से कहीं अधिक ऊंचा है.

