Bengal Election 2026: ओवैसी और हुमायूं कबीर का गठबंधन, 182 सीटों पर लड़ेंगे चुनाव!
बंगाल चुनाव में ओवैसी की एंट्री! हुमायूं कबीर की AJUP के साथ किया गठबंधन। मुर्शिदाबाद से शुरू होगा अभियान, ममता और बीजेपी पर साधा निशाना। जानें पूरा चुनावी शेड्यूल।
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव प्रचार जोर पकड़ता जा रहा है. इस बीच AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने हुमायूं कबीर के साथ मिलकर चुनाव लड़ने का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि हम साथ में चुनाव लड़ रहे हैं. हमने सीट भी फाइनल कर ली है. हम चाहते हैं कि यहां मुस्लिम नेतृत्व उभरकर आए, बंगाल में अल्पसंख्यकों का विकास बड़ा मुद्दा है. उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री ममता की राजनीति ने पश्चिम बंगाल में BJP को बढ़ने में मदद की है.
टीएमसी और बीजेपी के खिलाफ एक और चुनावी गठबंधन का ऐलान करते हुए ओवैसी ने कहा, “हम साथ में मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं. हमने आपस में सीट भी फाइनल कर लिया है. अभी एक-दो सीटों को लेकर बात चल रही है. हम चाहते हैं कि यहां मुस्लिम नेतृत्व उभरे क्योंकि बंगाल में अल्पसंख्यकों का विकास बड़ा मुद्दा है. हुमायूं, जिन्होंने मुर्शिदाबाद जिले में अपनी प्रस्तावित बाबरी-शैली की मस्जिद को लेकर हुए विवाद के बीच TMC से निलंबित किए जाने के बाद अलग राह पकड़ ली. उन्होंने’आम जनता उन्नयन पार्टी’ (AJUP) बनाई थी. AJUP इस बार AIMIM के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है.
मुर्शिदाबाद से अभियान शुरू करेंगे ओवैसी
हुमायूं कबीर ने ओवैसी के साथ मंच साझा करते हुए कहा, “AJUP ने AIMIM के साथ गठबंधन किया है. हम आने वाले चुनावों में हिस्सा लेंगे. मैं आज कुछ और उम्मीदवारों के नामों का ऐलान करूंगा. AIMIM भी उन सीटों की घोषणा करने वाली है जहां पर वह चुनाव लड़ेगी.” उन्होंने बताया, ओवैसी मुर्शिदाबाद से अपना चुनावी अभियान शुरू करेंगे और कम से कम 20 रैलियां करेंगे. उनकी एक रैली कोलकाता में भी होगी. पहली रैली 1 अप्रैल को बहरामपुर में शुरू होगी.
ओवैसी ने कहा, हम इस गठबंधन को सफल बनाने की पूरी कोशिश करेंगे. हमने पहले ही तय कर लिया कि हम कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेंगे. हम मुस्लिम अल्पसंख्यकों को नेतृत्व प्रदान करने के लिए काम करेंगे. वहीं हुमायूं ने यह भी दावा करते हुए कहा, “हमारा यह गठबंधन नहीं टूटेगा. हम संसदीय चुनाव भी मिलकर लड़ेंगे.”
हुमायूं के नामांकन के समय रहूंगाः ओवैसी
AIMIM के नेता ओवैसी ने ऐलान करते हुए कहा, “जब हुमायूं अपना नामांकन दाखिल करेंगे, तो मैं भी वहां मौजूद रहूंगा.” उन्होंने कहा कि अगर आप कुरान पढ़ें, तो हर मुसलमान का यह फर्ज होता है कि वह मस्जिदें बनवाए और उन्हें सुरक्षित रखे. हमारा मुख्य एजेंडा मुस्लिम सशक्तिकरण का है. मैंने पहले भी कहा था कि बाबरी मस्जिद से जुड़ा फैसला आस्था पर आधारित था.
ओवैसी ने कहा, “बंगाल में सिर्फ 7 फीसदी मुसलमान ही सरकारी नौकरी में हैं. मालदा और मुर्शिदाबाद में पानी की समस्याएं हैं. TMC ने हमारे वोट लिए और नेता बन गई. सिर्फ नमाज पढ़ने से भूख की समस्या हल नहीं हो सकती. मुसलमानों का शोषण किया गया है. हम आत्म-सम्मान की बात कर रहे हैं.”
मुख्यमंत्री पद के दावेदार को लेकर ओवैसी ने कहा, “मुख्यमंत्री कौन बनेगा, यह हम तय करेंगे. हम मुख्यमंत्री के पद के लिए लड़ेंगे.” 294 सदस्यों वाली पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए 2 चरणों में 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग होगी, और वोटों की गिनती 4 मई को होगी.
ममता ने कुछ नहीं कियाः ओवैसी
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ममता और TMC पर यह आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने मुसलमानों के वोट तो हासिल कर लिए, लेकिन इस समुदाय के लिए कुछ नहीं किया. उनका कहना है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की राजनीति ने पश्चिम बंगाल में BJP को बढ़ने में मदद की है.
कोलकाता में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ओवैसी ने दावा किया कि बंगाल के लोग घुटन महसूस कर रहे हैं, और उनकी पार्टी ने हुमायूं कबीर की AJUP के साथ हाथ मिला लिया है ताकि उन्हें वह विकल्प मिल सके जिसकी वे तलाश कर रहे हैं. उन्होंने कहा, “हुमायूं के साथ हमारे गठबंधन का मकसद पश्चिम बंगाल में कमजोर तबकों के शोषण को रोकना और उन्हें सशक्त बनाना है.”
खंडित जनादेश में गठबंधन होगा अहम
उन्होंने आगे यह भी कहा, “हमारा गठबंधन मुसलमानों के राजनीतिक नेतृत्व को मजबूत करने की भी कोशिश करेगा.” ओवैसी ने यह भी दावा किया कि राज्य में अल्पसंख्यकों का विकास एक बड़ा मुद्दा है.
यह पूछे जाने पर कि क्या राज्य में उनकी पार्टी की मौजूदगी से BJP को फायदा होगा, इस पर ओवैसी ने कहा, “लोकतंत्र में लोग अपनी पसंद की पार्टी को वोट देने के लिए स्वतंत्र हैं.” हुमायूं ने दावा किया कि अगर चुनाव में किसी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है (खंडित जनादेश आता है), तो यह गठबंधन सरकार बनाने में एक निर्णायक भूमिका निभा सकता है. उन्होंने पहले ही यह कहा था कि यह गठबंधन विधानसभा चुनाव में 182 सीटों पर चुनाव लड़ेगा.

