चैत्र नवरात्रि 2026: मां शैलपुत्री को लगाएं ये खास भोग, बरसेगी सुख-समृद्धि!
चैत्र नवरात्रि आज (19 मार्च) से शुरू! प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा में घी और सफेद मिठाई का भोग लगाने से मिलता है उत्तम स्वास्थ्य। जानें सही विधि और महत्व।
पंचांग के अनुसार, शक्ति की उपासना का महापर्व चैत्र नवरात्रि आज यानी 19 मार्च, गुरुवार से शुरू हो गया है. नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है. उत्सव के पहले दिन पर्वतराज हिमालय की पुत्री मां शैलपुत्री के पूजन का विधान है. मान्यता है कि मां शैलपुत्री की श्रद्धापूर्वक पूजा करने से व्यक्ति को यश, कीर्ति और उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि मां शैलपुत्री को प्रसन्न करने के लिए उनके पसंदीदा भोग का बहुत महत्व है? आइए जानते हैं मां को क्या अर्पित करें.
मां शैलपुत्री को क्या भोग लगाएं?
शुद्ध देसी घी का भोग लगाएं
मां शैलपुत्री को घी का भोग बेहद प्रिय है. पूजा में घी अर्पित करने से शरीर निरोगी रहता है और घर में सुख-समृद्धि आती है. ऐसा माना जाता है कि घी का दान करने से भी विशेष पुण्य मिलता है.
सफेद मिठाई का भोग
मां को सफेद रंग की मिठाइयां जैसे बर्फी, पेड़ा या खीर चढ़ाना शुभ माना जाता है. सफेद रंग शांति और पवित्रता का प्रतीक है, जो मां को प्रसन्न करता है.
दूध और उससे बने पकवान का भोग लगाएं
दूध, दही और उनसे बनी चीजें मां को अर्पित करने से घर में शांति और सौभाग्य बढ़ता है.
शक्कर या मिश्री का भोग
मिश्री का भोग लगाने से जीवन में मिठास बनी रहती है और रिश्तों में मधुरता आती है.
भोग लगाने का सही तरीका
- पूजा से पहले स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें
- पूजा स्थान को साफ और पवित्र रखें
- मां को भोग लगाते समय सच्चे मन से प्रार्थना करें
- भोग लगाने के बाद उसे प्रसाद के रूप में परिवार में बांटें
मां शैलपुत्री की पूजा का महत्व
नवरात्रि का पहला दिन नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है. मां शैलपुत्री की पूजा करने से जीवन में स्थिरता, आत्मविश्वास और साहस बढ़ता है. ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, यह दिन चंद्रमा से जुड़ा होता है, इसलिए मानसिक शांति और भावनात्मक संतुलन के लिए भी यह पूजा बेहद फलदायी मानी जाती है.

