Eid-ul-Fitr 2026: भारत में आज ईद की धूम, जानें पैगंबर मोहम्मद ने कैसे की थी शुरुआत!
भारत में आज 21 मार्च को मनाई जा रही है मीठी ईद। जानें ईद-उल-फितर का अर्थ, इसका इतिहास और पैगंबर हजरत मुहम्मद द्वारा 624 ईस्वी में की गई इस त्योहार की शुरुआत की कहानी।
ईद उल-फितर इस्लाम धर्म का बहुत ही पवित्र त्योहार है. इसे ईद या मीठी ईद भी कहते हैं. भारत में ये त्योहार आज मनाया जा रहा है. देश में शुक्रवार को चांद दिखा, जिसके बाद आज ईद का जश्न मनाया जा रहा है. ये त्योहार रमजान के पूरे महीने के रोजे पूरे होने के बाद मनाया जाता है. ईद नए चांद (शव्वल माह की शुरुआत) के नजर आने पर मनाया जाता है.
ईद का अर्थ होता है ‘खुशियां’ और उल-फितर का मतलब होता है ‘रोजा खोलना’. ईद के दिन लोग अल्लाह का शुक्र अदा करते हैं कि उन्होंने उनको रोजे पूरे करने की ताकत दी. कहा जाता है कि रोजों को पूरा करने की जो खुशी होती है, उसी खुशी में ईद मनाई जाती है. इस्लामी (हिजरी) कैलेंडर के अनुसार, रमजान के अंत में ईद उल-फितर का त्योहार होता है. आइए जानते हैं कि इस त्योहार की शुरुआत कब हुई?
पैगंबर हजरत मुहम्मद ने की थी शुरुआत
ईद उल-फितर की शुरुआत पैगंबर हजरत मुहम्मद द्वारा की गई थी. उन्होंने इस त्योहार की शुरुआत 624 ईस्वी में मदीना में की थी. इस्लाम धर्म की मान्यताओं के अनुसार, ये हिजारत के बाद दूसरा साल था, जब मुसलमानों ने पहला रमजान पूरा किया था. पैगंबर हजरत मुहम्मद जब मदिना पहुंचे तो उनकी नजर जश्न मनाते लोगों पर पड़ी. उन्होंने देखा कि लोग दो दिन जश्न मनाते हैं. इसके बाद उन्होंने बताया कि दो ईद होंगी. ईद-उल-फितर और ईद-उल-अजहा.
ईद पर क्या किया जाता है?
ईद पर मस्जिद या ईदगाह में जाकर नमाज अदा की जाती है. इस दिन साफ-सुथरे होकर, अच्छे कपड़े पहनकर ही नमाज पढ़ी जाती है. इस्लाम धर्म को मानने वाले लोग अपने परिवार, दोस्तों और रिश्तेदारों को गले लागकर ईद मुबारक कहते हैं. इस दिन अल्लाह से ज्यादा से ज्यादा दुआ और इबादत की जाती है. घरों में सेवइयां और तरह-तरह के पकवान बनाएं और खिलाए जाते हैं.

