Kalashtami 2026: कालाष्टमी पर नजर दोष से मुक्ति के उपाय और शुभ मुहूर्त

कालाष्टमी आज: भगवान काल भैरव की पूजा से दूर होगी नकारात्मक ऊर्जा। जानें रात की पूजा का शुभ मुहूर्त और बच्चों को बुरी नजर से बचाने के अचूक ज्योतिषीय उपाय।

 
भैरव देव के टोटके

आज कालाष्टमी मनाई जा रही है. हर माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन कालाष्टमी मनाई जाती है. मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान शिव के रौद्र रूप काल भैरव देव प्रकट हुए थे. इस दिन व्रत और विधि-विधान से काल भैरव देव की पूजा की जाती है. काल भौरव देव काशी के कोतवाल कहे जाते हैं. उनको समय का स्वामी और संकटों को हरने वाला देवता भी माना जाता है.

कालाष्टमी का दिन तंत्र-मंत्र के लिए भी विशेष माना जाता है. नजर दोष से मुक्ति पाने और नकारात्मक उर्जा को दूर करने के लिए भी कालाष्टमी का दिन बहुत अच्छा माना जाता है. अगर आपके बच्चे को बार-बार नजर लग जाती है, तो कालाष्टमी के दिन ये आसान उपाय अवश्य करें.

कालाष्टमी 2026 पूजा शुभ मुहूर्त

काल भैरव की पूजा रात के समय करना अधिक शुभ माना जाता है. आज कालाष्टमी पूजा के लिए रात 09 बजे से 11 बजे के बीच पूजा का सबसे उत्तम समय है. इस समय में आप काल भैरव देव की पूजा करें.

कालाष्टमी के उपाय

बच्चे को नजर से बचाने का उपाय: बच्चे को बार-बार नजर लगती है, तो कालाष्टमी के दिन सरसों के तेल का एक चौमुखी दीपक घर के प्रमुख द्वार पर प्रज्वलित करें. दीपक जलाने के कुछ देर बाद उसको भीतर ले जाएं और उसकी लौ से काजल बनाएं. फिर काजल का टीका बच्चे को लगाएं. आप चाहें तो इस काजल को बार-बार बच्चे को लगाने के लिए रख सकते हैं. इससे बच्चे को बार-बार नजर नहीं लगेगी.

बुरी नजर से बचने का उपाय: कालाष्टमी के दिन मंदिर जाकर काल भैरव के पैरों में काला धागा चढ़ाएं. फिर सिंदूर अर्पित करें. यही थोड़ा सा सिंदूर काले धागे पर भी लगाएं. फिर भैरव जी के मंत्र “ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं” का जाप करते हुए अपने दाएं हाथ की कलाई या गले में धागा बांध लें. यह काला धागा एक सुरक्षा कवच बन जाता है और आपको बुरी नजर से बचाता है.