Neelam Ratan Dharan Karne Ke Niyam: क्या आपको सूट करता है नीलम? जानिए सही धातु, उंगली और इसके चमत्कारी लाभ

नीलम रत्न शनि ग्रह का सबसे शक्तिशाली रत्न माना जाता है। इसे पहनने के ज्योतिषीय नियम, सही उंगली, धातु और फायदे जानें।
 
Shani dev ratan Neelam

ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की स्थिति के अनुसार लोग अलग-अलग रत्नों की अंगूठियां पहनते हैं. माना जाता है कि ये रत्न संबंधित ग्रहों के शुभ प्रभाव को बढ़ाने और जीवन की परेशानियों को कम करने में मददगार साबित होते हैं. इन्हीं रत्नों में नीलम भी एक बेहद शक्तिशाली रत्न माना जाता है, जिसे शनि ग्रह से संबंधित बताया गया है. नीलम शनि ग्रह का सबसे प्रभावशाली रत्न माना जाता है. शनि दोष दूर करने के लिए मुख्य रूप से नीलम रत्न पहना जाता है.

हालांकि, नीलम हर व्यक्ति के लिए शुभ हो, ये जरूरी नहीं है और गलत तरीके से धारण करने पर इसके विपरीत परिणाम देखने को मिल सकते हैं. नीलम रत्न को पहनने के कुछ खास ज्योतिषीय नियम बताए गए हैं, जिनका ध्यान रखना जरूरी माना जाता है. इसे किस उंगली में पहनना चाहिए, किस दिन धारण करना शुभ होता है, किस धातु में इसे जड़वाना चाहिए और किन लोगों को इसे पहनने से बचना चाहिए, इन सभी बातों को जानना जरूरी है. इसलिए नीलम धारण करने से पहले अपनी कुंडली किसी योग्य ज्योतिषी को दिखाकर सलाह लेने की बात कही जाती है.

नीलम रत्न किस उंगली में पहनें?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसारस नीलम रत्न को दाहिने हाथ या मुख्य कार्य करने वाले हाथ की मध्यमा उंगली में पहनना सबसे शुभ माना जाता है. मध्यमा उंगली का संबंध शनि ग्रह से माना जाता है.

नीलम रत्न किस दिन पहनें?

नीलम को शनिवार के दिन सुबह 5:00 से 7:00 बजे के बीच या शाम को सूर्यास्त के बाद पहनना चाहिए. नीलम की अंगूठी को पहनने से पहले गंगाजल और कच्चे दूध से धोकर शुद्ध किया जाता है.

नीलम रत्न किस धातु में पहनें?

ज्योतिष के मुताबिक, नीलम रत्न को चांदी, पंचधातु या प्लैटिनम की धातु में पहनना सबसे शुभ माना जाता है. कुछ ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, सोने को सूर्य का प्रतीक माना गया है, वहीं शनि और सूर्य में शत्रुता मानी जाती है. इसलिए नीलम को पीले सोने में पहनने से बचा जाता है.

नीलम रत्न के फायदे

  • नीलम रत्न सही व्यक्ति के लिए तुरंत धन, पद और मान-प्रतिष्ठा बढ़ाता है.
  • नीलम व्यवसाय, नौकरी, न्याय, वकालत और राजनीति से जुड़े लोगों के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है.
  • नीलम तनाव, चिंता और डिप्रेशन को दूर कर एकाग्रता और सोचने-समझने की शक्ति को तेज करता है.
  • ये रत्न धारण करने वाले के आसपास सकारात्मक ऊर्जा का कवच बनाता है.

नीलम स्टोन किस राशि के लिए शुभ है?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, नीलम रत्न मकर और कुंभ राशि के जातकों को पहनना चाहिए, क्योंकि इन दोनों राशियों के स्वामी शनि देव हैं. इसके अलावा, नीलम रत्न वृषभ और तुला राशि के जातकों के लिए भी शुभ माना जाता है, क्योंकि इन लग्नों या राशियों में शनि योगकारक ग्रह होते हैं.

नीलम रत्न किसे नहीं पहनना चाहिए?

ज्योतिष की मान्यता के मुताबिक, मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु और मीन राशि के जातकों को आमतौर पर नीलम पहनने से बचना चाहिए, क्योंकि इन राशियों के स्वामियों के साथ शनि का शत्रु संबंध होता है.

नीलम किस दिन खरीदना चाहिए?

नीलम रत्न को खरीदने और धारण करने के लिए शनिवार का दिन सबसे शुभ माना जाता है. इसे शुक्ल पक्ष के दौरान सुबह सूर्योदय के समय या शनि की होरा में खरीदना और पहनना लाभकारी माना जाता है.

कैसे पता करें कि नीलम आपको सूट करता है या नहीं?

अगर आपको जानना है कि नीलम रत्न आपको सूट करता है या नहीं, तो आप नीचे बताए गए आसान तरीके अपना सकते हैं.

  • कपड़े में बांधकर रखें:- एक छोटे नीलम को नीले या सफेद कपड़े में बांधकर अपनी बाजू पर बांध लें. इसके अलावा, इसे 3 दिन तक अपनी शर्ट की जेब में या तकिए के नीचे रखकर सोएं.
  • शारीरिक और मानसिक संकेत देखें:- इस दौरान अगर आपको कोई बुरा सपना न आए, मन शांत रहे और बेचैनी महसूस न हो, तो ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ये रत्न आपके अनुकूल हो सकता है.

अगरनीलम सूट न करे तो?

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, अगर किसी को नीलम सूट नहीं करता है तो उसे पहनने के 24 से 72 घंटों के अंदर बहुत गुस्सा आना, चिड़चिड़ापन, सिरदर्द, आंखों में तकलीफ, बुरे सपने या मानसिक तनाव जैसी समस्याएं शुरू हो सकती हैं. ऐसे लक्षण दिखने पर नीलम को तुरंत हटा देना चाहिए और किसी योग्य ज्योतिषी से सलाह लेनी चाहिए.