परमा एकादशी 2026: भगवान विष्णु को लगाएं इन 4 चीजों का भोग, मिटेंगे संकट
हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है, लेकिन जब बात पुरुषोत्तम मास यानी अधिकमास में आने वाली एकादशी की हो, तो इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, आज यानी 11 जून 2026 को अधिकमास की पावन परमा एकादशी का व्रत रखा जा रहा है. मान्यता है कि इस दिन भगवान श्री हरि विष्णु की विधि-विधान से पूजा करने और उनकी पसंदीदा चीजों का भोग लगाने से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं और बंद किस्मत के ताले खुल जाते हैं. यदि आप भी आज के दिन भगवान विष्णु को प्रसन्न कर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद पाना चाहते हैं, तो अपनी पूजा में इन खास चीजों का भोग जरूर लगाएं.
परमा एकादशी पर क्या भोग लगाएं?
पंचामृत का भोग
भगवान विष्णु को पंचामृत बहुत ही प्रिय माना जाता है. दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से तैयार पंचामृत को पूजा के दौरान अर्पित किया जाता है. मान्यता है कि इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और भगवान की कृपा बनी रहती है.
पीले फलों का करें अर्पण
विष्णु जी को पीला रंग प्रिय माना गया है. इसलिए परमा एकादशी के दिन केले, आम या अन्य पीले फलों का भोग लगाना शुभ माना जाता है. यह समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है.
हलवे का भोग
पूजा के बाद भगवान को हलवा जैसे सूजी या मूंग दाल का हलव अर्पित करें. इसके अलावा आप बेसन के लड्डू या केसरिया पेड़े का भोग भी लगा सकते हैं.
तुलसी दल जरूर चढ़ाएं
भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी का विशेष महत्व है. धार्मिक मान्यता है कि तुलसी के बिना विष्णु जी किसी भी भोग को स्वीकार नहीं करते. इसलिए जो भी प्रसाद या भोग अर्पित करें, उसमें तुलसी दल अवश्य रखें. तुलसी माता को भगवान विष्णु की प्रिय माना गया है और उनके बिना पूजा अधूरी मानी जाती है.
परमा एकादशी का धार्मिक महत्व
अधिकमास में आने वाली परमा एकादशी का महत्व सामान्य एकादशी से भी अधिक बताया गया है. पुराणों के अनुसार इस दिन किया गया व्रत, जप, तप, दान और पूजा कई गुना फल प्रदान करता है. मान्यता है कि जो व्यक्ति श्रद्धा और नियमपूर्वक परमा एकादशी का व्रत करता है, उसके जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होने लगती हैं और भगवान विष्णु की कृपा से सुख, शांति तथा धन-धान्य की प्राप्ति होती है.
भोग लगाते समय रखें इन बातों का खास ध्यान
एकादशी के दिन भगवान को चढ़ाया जाने वाला हलवा या मिठाई शुद्ध देसी घी में बनी होनी चाहिए, और कोशिश करें कि भगवान के भोग से जुड़ी चीजें घर पर ही बनी हो. साथ ही सच्चे मन से प्रार्थना करें और भोग लगाते समय और ओम नमो भगवते वासुदेवाय नम:मत्र का जाप करते रहें.

