Satyanarayan Puja Rules: गुरुवार को सत्यनारायण पूजा में न करें ये 3 बड़ी गलतियां
गुरुवार के दिन भगवान सत्यनारायण की पूजा करते समय भूलकर भी न करें ये गलतियां। जानें कथा के नियम, तुलसी भोग का महत्व और केले के पत्तों से जुड़ी सही विधि।
हर दिन किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित किया गया है. गुरुवार का दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित किया गया है. इस दिन विष्णु जी की पूजा और व्रत बड़ा लाभकारी माना गया है. सत्यनारायण भगवान विष्णु जी का ही रूप माने जाते हैं. इस दिन सच्चे मन से सत्यनारायण भगवान की पूजा करने पर विष्णु जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है. इस पूजा से घर में सुख-शांति और खुशहाली आती है.
मान्यता है कि पूजा के दौरान सत्यनारायण की कथा सुनने या पढ़ने से मन की सभी इच्छाएंं पूर्ण होती हैं. हालांकि, कई बार लोग सत्यनारायण की पूजा में छोटी-छोटी गलतियां कर बैठते हैं. इससे पूजा का पूर्ण फल नहीं मिल पाता. सही नियम और विधि से की गई पूजा का ही फल प्राप्त होता है. आज गुरुवार है. अगर आज आप सत्यनारायण की पूजा करने वाले हैं, तो कुछ विशेष बातों का ध्यान अवश्य रखें. आइए जानते हैं कि पूजा में कौन सी गलतियों से बचना है?
सत्यनारायण देव की पूजा में न करें ये गलतियां
तुलसी के बिना भोग न लगाएं: चूंकि सत्यनारायण भगवान विष्णु का ही रूप हैं और श्रीहरि को तुलसी अतिप्रिय है. इसलिए सत्यनारायण भगवान की पूजा के समय उनको तुलसी का भोग अवश्य लगाएं. बिना तुलसी सत्यनारायण देव की पूजा पूरी नहीं होती. तुलसी का भोग लगाने से सत्यनारायण भगवान अति प्रसन्न होते हैं.
कथा के समय उठकर न जाएं: सत्यनारायण की पूजा का सबसे अहम भाग कथा को माना जाता है. कई बार लोग कथा के दौरान बार-बार उठते हैं या उनका फोन आता है, लेकिन कथा के समय बिल्कुल नहीं उठना चाहिए. ये बिल्कुल भी सही नहीं माना जाता.
केले के खराब पत्तों का उपयोग न करें: सत्यनारायण देव की पूजा में केले के पेड़ या पत्तों का विशेष महत्व होता है. मान्यता है कि केले के पेड़ में भगवान विष्णु वास करते हैं. इस पूजा में भूलकर भी केले के सूखे, टूटे या कटे पत्तों का उपयोग न करें.
इन नियमों का रखें ध्यान
सत्यनारायण की पूजा या व्रत में गलती से भी तामसिक चीजों का सेवन करें. पूजा के बाद प्रसाद वितरण महत्वपूर्ण होता है. इसलिए सभी को प्रसाद दें. ध्यान रखें की सत्यनारायण देव के प्रसाद का अनादर न हो. इन नियमों का ध्यान रखेंगे तो आपको पूजा व व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होगा.

