गाजियाबाद: भैंसों के तबेले में बन रहा था अचार, छापेमारी में 34 क्विंटल नष्ट
गाजियाबाद के खोड़ा में भैंसों के तबेले में चल रही थी अवैध अचार फैक्ट्री। खाद्य विभाग ने 34 क्विंटल अचार नष्ट किया। देखें कैसे सेहत के साथ हो रहा था खिलवाड़।
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में हैरान करने वाली घटना सामने आई है. यहां भैंसों के तबेले में अचार बनाया जा रहा था. खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने खोड़ा क्षेत्र के आदर्श नगर में संचालित इस अवैध अचार फैक्ट्री पर छापा मारा. इस दौरान भारी मात्रा में अचार बरामद किया. अफसरों के मुताबिक, छापेमारी के दौरान फैक्ट्री परिसर में भारी गंदगी पाई गई. जिस स्थान पर अचार तैयार किया जा रहा था, वहां स्वच्छता के न्यूनतम मानकों का भी पालन नहीं किया जा रहा था.
अचार निर्माण के लिए इस्तेमाल किए जा रहे कच्चे माल और तैयार उत्पादों को खुले में रखा गया था, जिससे उनके दूषित होने की आशंका और बढ़ गई थी. जांच में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर विभाग ने मौके पर ही 34 क्विंटल अचार नष्ट करा दिया. इसके अलावा 180 किलोग्राम अचार और करीब 9 क्विंटल नमक को सीज कर दिया गया. अधिकारियों का कहना है कि इन उत्पादों को जांच रिपोर्ट आने तक सुरक्षित रखा जाएगा. इसी दौरान टीम ने एक और अचार फैक्ट्री में छापा मारा.
सैंपल लैब भेजे गए
खाद्य विभाग की टीम ने दोनों इकाइयों से कुल छह सैंपल लैब भेजे हैं. इन नमूनों की जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि अचार में किसी प्रकार की मिलावट, हानिकारक रसायनों का प्रयोग या अन्य खाद्य मानकों का उल्लंघन हुआ है या नहीं. रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
जांच में यह भी सामने आया कि जिन परिसरों में अचार तैयार किया जा रहा था, वहां खाद्य उत्पादन से संबंधित आवश्यक स्वीकृतियां और मानक प्रक्रियाएं पूरी तरह से संदिग्ध थीं. अधिकारियों का कहना है कि यदि प्रयोगशाला रिपोर्ट में मिलावट या गुणवत्ता संबंधी गंभीर खामियां पाई जाती हैं, तो फैक्ट्री संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
भैंसों के तबेले में अचार फैक्ट्री
विशेष रूप से जिस फैक्ट्री का संचालन दिल्ली पुलिस के सेवानिवृत्त दरोगा जसबीर सिंह के तबेले में किया जा रहा था, उसने स्थानीय लोगों को भी हैरान कर दिया है. विभाग अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि यह कारोबार कब से संचालित हो रहा था और बाजार में इसकी सप्लाई कितने बड़े स्तर पर की जा रही थी. विभाग का कहना है कि लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी लगातार अभियान चलाया जाएगा, ताकि बाजार में सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सके.

