नोएडा चाइल्ड PGI: ट्रेनी लैब टेक्नीशियन ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में बयां किया दर्द

नोएडा सेक्टर 30 स्थित चाइल्ड पीजीआई में ट्रेनी लैब टेक्नीशियन अवधेश कुमार ने फांसी लगाकर दी जान। सुसाइड नोट में खुद को बताया 'बोझ'। आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव की आशंका।

 
चाइल्ड पीजीआई ट्रेनी डेथ

​नोएडा सेक्टर 30 में मौजूद चाइल्ड पीजीआई में एक लैब टेक्नीशियन ने आत्महत्या कर ली. अपनी जीवनलीला समाप्त करने वाला युवक ट्रेनी था. उसने अपने कमरे में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. इस घटना से अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया. जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान श्रावस्ती जिले के भिनगा गांव निवासी अवधेश कुमार के रूप में हुई है.

वह चाइल्ड पीजीआई में लैब टेक्नीशियन की ट्रेनिंग ले रहा था और अस्पताल परिसर में ही रह रहा था. सोमवार देर रात करीब 11 बजे वह अपने कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला. सुबह जब वह अपने कमरे से काफी देर तक बाहर नहीं निकला, तो अन्य दोस्तों ने उसके कमरे में जाकर देखा. कमरा अंदर से बंद था, जिसके बाद इसकी सूचना अस्पताल प्रबंधन को दी गई.

कमरे में मिला सुसाइड नोट

अस्पताल प्रबंधन के लोग जब कमरे के पास पहुंचे, तो उन्होंने किसी तरह दरवाजा तोड़कर अंदर देखा. वह पंखे से लटका हुआ था. इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई. सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच में जुट गई.

जांच के दौरान मौके से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला. पुलिस के मुताबिक, सुसाइड नोट में युवक ने लिखा कि वह खुद को बोझ महसूस कर रहा है और किसी को परेशान नहीं करना चाहता. उसने यह भी लिखा कि वह जीवन में कुछ हासिल नहीं कर पाया और इस बात से बेहद दुखी था. सुसाइड नोट में आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव के भी संकेत सामने आए हैं.

तीन दिन पहले ही छोड़कर गए थे परिजन

जानकारी के अनुसार, अवधेश के परिजन उसे करीब तीन दिन पहले ही पीजीआई परिसर में छोड़कर गए थे. घटना की सूचना मिलने के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है. बताया जा रहा है कि युवक पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से परेशान था, लेकिन उसने अपनी परेशानी किसी से खुलकर साझा नहीं की.

इस मामले में पुलिस गहराई से जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या नौकरी और निजी जीवन से जुड़ा कोई दबाव इस आत्महत्या की वजह तो नहीं बना. थाना प्रभारी सेक्टर 20 का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सुसाइड नोट की जांच के बाद ही पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी.