भारतीय AC कंपनियों की यूरोप पर नजर, 2027 से शुरू होगा एक्सपोर्ट

भीषण गर्मी के बीच भारतीय एयर कंडीशनिंग ब्रैंड्स अब यूरोप में अपनी पहचान बनाने की तैयारी में। गोदरेज और हैवल्स जैसी कंपनियां 2027 तक लॉन्च कर सकती हैं अपने AC।

 
हैवल्स AC एक्सपोर्ट

इस साल भीषण गर्मी और ग्लोबल वार्मिंग के बढ़ते असर के कारण कूलिंग अप्लायंसेज (ठंडा करने वाले उपकरण) की मांग तेजी से बढ़ रही है. इस बात को देखते हुए भारतीय एयर कंडीशनिंग ब्रैंड्स यूरोप जाने की तैयारी कर रहे हैं. हालांकि, उन्हें चीनी और दक्षिण कोरियाई कंपनियों से मुकाबला करना होगा, जिनका अभी यूरोपीय बाजार पर दबदबा है और कहा जाता है कि उनकी प्रोडक्शन कॉस्ट (उत्पादन लागत) भारतीय मैन्युफैक्चरर्स की तुलना में 15 से 18 फीसदी कम है. भारतीय कंपनियां अगले साल यानी 2027 से ही बिक्री शुरू कर पाएंगी.

कड़े नियम

इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप के उपकरण व्यवसाय (अप्लायंसेज बिजनेस) के प्रमुख कमल नंदी ने कहा, हम पिछले साल से यूरोप में अवसरों का अध्ययन (स्टडी) कर रहे थे, इस साल की गर्मी ने हमारी आंखें खोल दी हैं. सख्त प्रमाणन आवश्यकताओं (सर्टिफिकेशन रिक्वायरमेंट) के कारण तत्काल बिक्री संभव नहीं है, लेकिन हम निश्चित रूप से अगली गर्मियों तक लॉन्च करने की योजना बना रहे हैं.

पीयूष गोयल-अश्विनी वैष्णव ने कही थी एक्सपोर्ट बढ़ाने की बात

यूरोप में कूलिंग इक्विपमेंट की बिक्री और उनसे जुड़ी पूछताछ दो से तीन गुना बढ़ गई है. सरकार पिछले साल से ही AC कैटेगरी को स्मार्टफोन की तरह ही मैन्युफैक्चरिंग का एक बड़ा मौका मान रही है. कॉमर्स और इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल और इलेक्ट्रॉनिक्स और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव ने AC बनाने वाली कंपनियों से एक्सपोर्ट बढ़ाने को कहा था.

AC ही एकमात्र ऐसी व्हाइट गुड्स कैटेगरी है जो प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम के दायरे में आती है. इसलिए, सरकार इस कैटेगरी से एक्सपोर्ट रेवेन्यू चाहती है. नोएडा की कंपनी हैवल्स (Havells) पहले US मार्केट पर ध्यान देने के बाद, अब डिस्ट्रीब्यूटर्स के ज़रिए यूरोप में AC और पंखों का एक्सपोर्ट शुरू करने की योजना बना रही है.

एम्बर एंटरप्राइजेज जैसी कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां जो LG, डाइकिन, सैमसंग और ब्लू स्टार जैसी कंपनियों को सप्लाई करती हैं, वह भी एक्सपोर्ट के मौकों पर विचार कर रही है. LG, डाइकिन, हायर और दूसरे ग्लोबल ब्रैंड भारत में एक्सपोर्ट ओरिएंटेड यूनिट्स के साथ अपनी AC प्रोडक्शन क्षमता बढ़ा रहे हैं. इंडस्ट्री के अधिकारियों का कहना है कि इससे वह अपने प्रोडक्शन का कुछ हिस्सा सीधे यूरोप भेज सकेंगे.

कंपनियों के सामने चुनौतियां

गोदरेज के आंतरिक मूल्यांकन से पता चला है कि हीट पंप एसी, जो हीटिंग और कूलिंग दोनों प्रदान करते हैं, वर्तमान में यूरोप में आवासीय एसी की बिक्री का लगभग 80 फीसदी हिस्सा हैं. इसी तरह के मॉडल जम्मू-कश्मीर और दिल्ली-एनसीआर जैसे बाजारों में बेचे जाते हैं, हालांकि कंपनियों ने कहा कि कुछ उत्पादों को यूरोपीय घरों के अनुरूप डिजाइन संशोधन की आवश्यकता होगी, जहां प्रोफेशनल इंस्टॉलेशन लागत बहुत ज्यादा है. इसके अलावा, कई यूरोपीय इमारतें पारंपरिक एसी इकाइयों के लिए नहीं बनाई गई हैं. हेरिटेज बिल्डिंग पर सख्त नियम हैं जिनके तहत आउटडोर स्प्लिट यूनिट को इंस्टॉल नहीं किया जा सकता है.