मेटा को सुप्रीम कोर्ट से झटका: इंस्टाग्राम एडिक्शन मामले में चलेगा मुकदमा

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने मेटा की अपील ठुकराई। इंस्टाग्राम पर बच्चों को ऐप की लत लगाने के आरोपों पर अब वर्मोंट में चलेगा मुकदमा। जानें क्या है पूरा मामला।

 
वर्मोंट अटॉर्नी जनरल मुकदमा

 मेटा प्लेटफॉर्म्स को अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने उस अपील को सुनने से इनकार कर दिया जिसमें कंपनी इंस्टाग्राम एडिक्शन मामले से जुड़े मुकदमे को रुकवाना चाहती थी. यह मामला अमेरिका के वर्मोंट राज्य की अटॉर्नी जनरल ने दायर किया था. आरोप है कि इंस्टाग्राम को इस तरह डिजाइन किया गया जिससे कम उम्र के यूजर्स इसकी लत का शिकार हो रहे हैं. इस फैसले के बाद खासकर बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर मेटा की कानूनी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं. चलिए जानते हैं पूरा मामला.

सुप्रीम कोर्ट ने मेटा की दलील नहीं मानी

अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने मेटा प्लेटफॉर्म्स की उस अपील को सुनने से इनकार कर दिया जिसमें कंपनी ने कहा था कि वर्मोंट की अदालतों को इस मामले की सुनवाई का अधिकार नहीं है. मेटा का कहना था कि इंस्टाग्राम के फीचर्स वर्मोंट में डिजाइन नहीं किए गए और ना ही वहां कथित गलत जानकारी तैयार की गई. इसके बावजूद निचली अदालत ने मामले को आगे बढ़ाने की अनुमति दी थी. अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यह मुकदमा जारी रहेगा. यह फैसला ऐसे समय आया है जब दुनिया भर में सोशल मीडिया कंपनियों पर बच्चों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर दबाव लगातार बढ़ रहा है.

युवाओं को लत लगाने का आरोप

वर्मोंट की डेमोक्रेट अटॉर्नी जनरल चैरिटी क्लार्क ने साल 2023 में मेटा के खिलाफ मुकदमा दायर किया था. शिकायत में कहा गया कि इंस्टाग्राम ने किशोरों की मानसिक, न्यूरोलॉजिकल और मनोवैज्ञानिक कमजोरियों का अध्ययन किया और उसी के आधार पर ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार किया जिससे बच्चे और युवा लंबे समय तक ऐप इस्तेमाल करें. आरोप यह भी है कि इससे युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ा. इससे पहले कैलिफोर्निया में चल रहे सोशल मीडिया एडिक्शन ट्रायल के दौरान मेटा सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने इन आरोपों से इनकार किया था और कहा था कि इंस्टाग्राम बच्चों को निशाना नहीं बनाता.

42 राज्यों की संयुक्त कार्रवाई से बढ़ा दबाव

यह मुकदमा अकेला मामला नहीं है बल्कि अमेरिका के 42 राज्यों के अटॉर्नी जनरल्स की संयुक्त कानूनी कार्रवाई का हिस्सा है. इन राज्यों ने राज्य और संघीय अदालतों में सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ अलग-अलग मामले दायर किए हैं. मेटा लगातार कहता रहा है कि वर्मोंट में इस केस को जारी रखना कंपनी के संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ है और यह 14वें संशोधन के तहत ड्यू प्रोसेस का उल्लंघन करता है. हालांकि वर्मोंट सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि अगर कोई कंपनी किसी राज्य के बाजार से आर्थिक फायदा उठाती है तो उसे वहां की अदालतों में अपने कारोबार से जुड़े मामलों का जवाब देना होगा. इससे मेटा पर कानूनी दबाव और बढ़ सकता है.