Microsoft का बड़ा दांव: भारत में 2026 के मध्य तक खुलेगा सबसे बड़ा डेटा सेंटर
माइक्रोसॉफ्ट 2026 के मध्य तक हैदराबाद में भारत का सबसे बड़ा डेटा सेंटर शुरू करेगा। पुनीत चंडोक ने बताया कि देश में Azure क्लाउड और कोपायलट AI की भारी डिमांड है।
Microsoft भी AI में बड़ा निवेश कर रहा है, हाल ही में कंपनी के कंट्री हेड ने इस बात की जानकारी दी है कि भारत में माइक्रोसॉफ्ट का सबसे बड़ा डेटा सेंटर 2026 के मध्य (2026 के मिड तक) खुलने वाला है. कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सर्विसेज के लिए दुनिया के सबसे बड़े मार्केट में से एक में अपनी जगह को मजबूत करने के लिए भारी खर्च कर रही है.
इंडिया में है इन चीजों की बंपर डिमांड
इकनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, माइक्रोसॉफ्ट इंडिया और साउथ एशिया के प्रेसिडेंट पुनीत चंडोक ने रॉयटर्स से बातचीत के दौरान बताया कि देश में Azure Cloud Services और 30 डॉलर प्रति महीने वाले Copilot 365 AI असिस्टेंट की बहुत ज्यादा डिमांड है. कॉम्पिटिटर अल्फाबेट और अमेजन की तरह, माइक्रोसॉफ्ट भी भारत को AI के लिए एक संभावित फायदेमंद मार्केट के तौर पर देखता है, क्योंकि यहां 1 बिलियन से ज्यादा इंटरनेट यूजर्स और डीप टेक टैलेंट है.
2025 के आखिर में की थी बड़े निवेश की घोषणा
ऐसे मार्केट को टैप करना बहुत जरूरी है क्योंकि कंपनी इन्वेस्टर्स को ये साबित करना चाहती है कि AI पर उसका बड़ा दांव फायदेमंद होगा. कंपनी ने पिछले साल के आखिर में घोषणा की थी कि भारत में $17.5 बिलियन (लगभग 1,45,000 करोड़) का निवेश करेगी, एशिया में ये कंपनी का सबसे बड़ा निवेश है. इसके अलावा 2025 की शुरुआत में $3 बिलियन (लगभग 24,900 करोड़) का वादा किया गया था. इसमें हैदराबाद के टेक हब में एक नया डेटा सेंटर शामिल है, जहां माइक्रोसॉफ्ट की पहले से ही अच्छी-खासी मौजूदगी है.
कंपनी के डेटा सेंटर बनाने के बारे में माइक्रोसॉफ्ट इंडिया और साउथ एशिया के प्रेसिडेंट पुनीत चंडोक ने जानकारी दी कि हम ही इसे तेजी से शुरू कर रहे हैं, सबसे तेजी से. उन्होंने यह भी कहा कि हैदराबाद में ये डेटा सेंटर कंपनी की सबसे बड़ी फैसिलिटी होगी, लेकिन उन्होंने इसकी सही कैपेसिटी नहीं बताई है.
नई कैपेसिटी भारत में AI सर्विसेज के लिए बढ़ते कस्टमर बेस को सर्विस देगी. माइक्रोसॉफ्ट के कोपायलट कस्टमर्स में IT की बड़ी कंपनियां इंफोसिस, कॉग्निजेंट और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज शामिल हैं, जिनमें से हर एक के पास लगभग 50,000 लाइसेंस हैं.

