Consumer Electronics News: ऑनलाइन छूट और ऑफलाइन डीलर्स के बीच संतुलन बनाने के लिए कंपनियों का नया प्लान, जानें ग्राहकों पर असर

जानें कंपनियां ऑनलाइन और ऑफलाइन के लिए अलग मॉडल क्यों बनाती हैं और अतिरिक्त वारंटी का गणित क्या है।
 
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अगर आप अगली बार ऑनलाइन फ्रिज या टीवी खरीदने जा रहे हैं, तो हो सकता है कि उसका मॉडल आपके नजदीकी स्टोर में मिलने वाले मॉडल से अलग हो. कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और होम अप्लायंस कंपनियां अब ऑनलाइन और ऑफलाइन ग्राहकों के लिए अलग-अलग मॉडल और फीचर्स देने लगी हैं. जानते हैं आखिर ऐसा क्यों होता है?

एक्सपर्ट्स बताते हैं कि इसके पीछे बड़ी वजह ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर मिलने वाली भारी छूट और दुकानदारों की लंबे समय से चली आ रही नाराजगी है. कंपनियां इस तरह ऑनलाइन और ऑफलाइन बिक्री के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करती हैं.

ऑनलाइन-ऑफलाइन में अंतर

देश की बड़ी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों में शामिल LG अपने स्टोर से खरीदे गए कुछ टीवी पर ऑनलाइन खरीदारी के मुकाबले एक से दो साल तक एक्स्ट्रा वारंटी देती है. कंपनी कुछ अप्लायंस में बिक्री के चैनल के हिसाब से फीचर्स में भी बदलाव करती है. इसकी तरह Haier भी ऑनलाइन और ऑफलाइन बाजार के लिए अलग रणनीति अपना रही है. ऑनलाइन ग्राहकों को पानी के डिस्पेंसर वाले प्रीमियम फ्रिज मिलते हैं, जबकि स्टोर पर बिकने वाले कुछ मॉडल ग्लास डोर या मिरर फिनिश के साथ आते हैं. ऑनलाइन तीन दरवाजे वाले फ्रिज मिल सकते हैं, जबकि स्टोर पर चार दरवाजे वाले मॉडल उपलब्ध हैं. Haier के टीवी पर भी फिजिकल स्टोर से खरीदने पर एक साल की एक्स्ट्रा वारंटी मिलती है. इसी तरह अन्य प्रमुख कंपनियां भी यही रणनीति अपनाती हैं.

ऐसा क्यों करती हैं कंपनियां?

कंपनियों के मुताबिक, ई-कॉमर्स ग्राहकों तक पहुंचने का तेज तरीका है, लेकिन कंपनी के पास 35,000 से ज्यादा दुकानों का बड़ा डीलर नेटवर्क भी है. इसलिए दोनों चैनल अलग-अलग फीचर्स और वारंटी वाले मॉडल के साथ साथ चल सकते हैं. अलग-अलग मॉडल रखने से ऑनलाइन और ऑफलाइन चैनल के बीच टकराव कम करने में मदद मिलती है. हालांकि, इसके लिए कंपनियों को रिसर्च और डेवलपमेंट पर एक्स्ट्रा खर्च भी करना पड़ता है. यह बदलाव ऐसे समय में हो रहा है जब ऑनलाइन खरीदारी लगातार बढ़ रही है. इंडस्ट्री के अनुमान के मुताबिक, अब टीवी और माइक्रोवेव की कुल बिक्री में ऑनलाइन बिक्री की हिस्सेदारी करीब 40 से 45 फीसदी तक पहुंच गई है. वहीं, एयर कंडीशनर और वॉशिंग मशीन जैसे अप्लायंस में ऑनलाइन बिक्री की हिस्सेदारी 22 फीसदी तक है.

ग्राहकों पर क्या असर?

इस बदलाव का सीधा असर ग्राहकों पर भी पड़ सकता है. अब सिर्फ कीमत देखकर ऑनलाइन और ऑफलाइन मॉडल की तुलना करना पर्याप्त नहीं होगा. खरीदारी से पहले मॉडल नंबर, फीचर्स, वारंटी, क्षमता और एनर्जी रेटिंग जरूर जांचनी चाहिए. कई बार थोड़ी ज्यादा कीमत वाला ऑफलाइन मॉडल एक्स्ट्रा वारंटी या बेहतर फीचर्स दे सकता है. वहीं, ऑनलाइन मॉडल कम कीमत में जरूरत के मुताबिक सुविधाएं दे सकता है.