वतन वापसी न होने पर छात्रों का तिरंगा एकमात्र सहारा:अपने हॉस्टल के बाहर लगा रहे तिरंगा

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रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेन में फंसे ज्यादातर भारतीय छात्रों की वतन वापसी न हो पाने पर इन छात्रों ने रूसी सेना व बमवर्षक विमानों से बचने का नया तरीका अपना लिया है। छात्र अपने हॉस्टलों के बाहर तिरंगा को लगा रहे हैं, ताकि वहां रूसी सेना हमला न करे। एक ऐसा ही तस्वीर यूक्रेन के कीव से मेडिकल छात्रों ने अपने हॉस्टल से भेजी है। छात्रों का कहना है कि उन्हें पूरा भरोसा है कि इस बुरे वक्त में तिरंगा ही उनका एक मात्र रक्षक सिद्ध होगा।

सीमाओं से लौटा रहे सैनिक
यूक्रेन में फंसे रोहतक के विजय नगर के छात्र मोहित ने बताया कि उनके जैसे कई छात्रों को यूक्रेन की सीमाओं से लौटा दिया गया है। भारतीय छात्रों को अब पौलेंड, रोमानिया, हंगरी व स्लोवाकिया की सीमा में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है। ऐसे में फिर से हॉस्टल लौटे छात्र अपना बचाव तिरंगा से कर रहे हैं। कीव व अन्य शहरों के ज्यादातर कॉलेजों के हॉस्टलों पर भारतीय छात्र तिरंगा लगा चुके हैं। वहीं अगर कहीं मूवमेंट भी कर रहे हैं तो तिरंगे लेकर ही कर रहे है।

बर्बरता की बात आ चुकी सामने
छात्र मोहित का कहना है कि अब भारतीय छात्रों से सैनिकों द्वारा बर्बरता की बात भी सामने आ चुकी है। अब बाहर निकलने में भी डर लग रहा है। भारतीय दूतावास ने इस मुश्किल समय में उतना अच्छा काम नहीं किया है, जिसके लिए वह जाना जाता है। हजारों छात्रों की जिंदगी यहां खतरे में है।

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