52वीं वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिताओं का समापन: लडक़ों मे रौनक तो लड़कियों में भूमिका रहे बेस्ट एथलीट
भिवानी:
स्थानीय महाराजा नीमपाल सिंह राजकीय महाविद्यालय में वीरवार को दो दिवसीय 52वीं वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिताओं का समापन महाविद्यालय के खेल प्रांगण में आयोजित एक रंगारंग समारोह के साथ हुआ। समापन समारोह में छात्र-छात्राएं, प्राध्यापकगण तथा स्थानीय खेल-प्रेमियों की अच्छी-खासी उपस्थिति रही।
समारोह की मुख्य अतिथि अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज ज्योति ग्रेवाल तथा विशिष्ट अतिथि सेवानिवृत्त प्राचार्य सुधीर शर्मा एवं कोच नवीन फ्रूटी थे। दोनों अतिथियों का महाविद्यालय परिवार ने पुष्पगुच्छ भेंट कर हार्दिक स्वागत किया।
प्रतियोगिता के परिणामों की जानकारी देते हुए महाविद्यालय प्रैस प्रभारी डॉ सुरेंद्र कुमार ने बताया कि लडक़ों की 100 मीटर दौड़ में अजय, प्रिंस व देवा, 800 मीटर दौड़ में प्रिंस, देवा सिंह व अजय, 1500 मीटर दौड़ में प्रिंस, विरेंद्र व अजय, 10 हजार मीटर दौड़ में विरेंद्र, अजय व कपिल, त्रिकूद में रौनक, प्रिंस व अजय, हैमर थ्रो में अरूण, राहुल व युद्धवीर क्रमश: प्रथम, द्वितीय व तृतीय रहे।
4बाई100 मीटर दौड़ में अजय, प्रिंस, रौनक व प्रवेश प्रथम, देवा सिंह, प्रिंस, निखिल व विरेंद्र द्वितीय तथा मयंक, हिमांशु, गौतम व वंश तृतीय रहे। 4बाई400 मीटर दौड़ में प्रिंस, देवा, निखिल, विरेंद्र प्रथम, साहिल, गौतम, हिमांशु व वंश द्वितीय, मोक्ष, अजय, लोकेश व महेश तृतीय रहे।
वही लड़कियों की 100 मीटर दौड़ में भूमिका, जयवंती व अनुज, 200 मीटर दौड़ में भूमिका, अनुज, जयवंती, 800 मीटर दौड़ में अनुज, जयवंती, दीक्षा व स्नेहा, लंबी कूद में भूमिका, जयवंती व अनुज, ऊंची कूद में भूमिका, स्नेहा, जयवंती, जैवलिन थ्रो में भूमिका, जयवंती व दीक्षा क्रमश: प्रथम द्वितीय व तृतीय रहे। म्यूजिकल चेयर रेस में नवीन फ्रूटी कोच एवं डॉ तरूणा द्वितीय स्थान पर रही। इस दौरान लडक़ों में सर्वश्रेष्ठ एथलीट रौनक व लड़कियों में भूमिका रहे।
स्वागत संबोधन में प्राचार्य प्रो. जगबीर सिंह श्योराण ने कहा कि हमारे कॉलेज की परंपरा रही है कि शिक्षा के साथ-साथ खेलों को भी समान महत्व दिया जाए।
इन प्रतियोगिताओं ने शारीरिक क्षमता, अनुशासन और टीम भावना को बढ़ाया है। छात्र-छात्राओं के उत्साह और कोचों के समर्पण ने प्रतियोगिताओं को सफल बनाया है। उन्होंने सभी विजेताओं व आयोजकों को बधाई दी। मुख्य अतिथि ज्योति ग्रेवाल ने प्रतिभागी खिलाडिय़ों और खेल आयोजकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वह युवा खिलाडिय़ों के जोश और समर्पण से मंत्रमुग्ध है। खेल केवल जीत-हार नहीं बल्कि चरित्र निर्माण है।
आपने अनुशासन दिखाया और उत्कृष्ट खेल प्रस्तुत किए, यही असली उपलब्धि है। निरंतर अभ्यास और सकारात्मक मानसिकता से आप आगे राष्ट्रीय व अन्तरराष्ट्रीय मंच पर नाम रोशन कर सकते हैं। विशिष्ट अतिथि सुधीर शर्मा ने कहा कि आज की प्रतियोगिताएं महाविद्यालय की खेल संस्कृति का जीवंत प्रमाण हैं। गतिशीलता, सम्मान और सहिष्णुता ने यहां का माहौल उत्कृष्ट बनाया। विद्यार्थी जीवन में खेलों की भूमिका अनिवार्य है। आयोजकों, प्रशिक्षकों और स्वयं प्रतिभागियों का आभार प्रकट करते हुए उन्होंने भविष्य में और अधिक सफलता की कामना की।
खेलकूद प्रतियोगिता के संयोजक डा. मीतेश शर्मा ने बताया कि इन प्रतिस्पर्धाओं का उद्देश्य प्रतिभाओं को पहचानकर आगे के लिए प्रेरित करना तथा स्वस्थ प्रतिप्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना था। समारोह के समापन समारोह में प्रतिभागी युवा खिलाडिय़ों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक, 500, 300 व 200 रूपये नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया तथा उनको ट्रॉफी व प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
महाविद्यालय के उप प्राचार्य डा. जगवीर सिंह मान, प्राध्यापकगण डा. राजकुमार, डा. हरिओम शर्मा, आनंद प्रकाश, जसमिंदर सिंह, डा. देवेंद्र दलाल, डा. दिनेश शर्मा, डा. पंकज शर्मा, डा. राजबीर सिंह, डा. प्रदीप कुमार, डा. अशोक कादयान, डा. सुरेन्द्र नरवाल, आनंद कुमार, डा. कुलवीर सिंह, रविकांत, सतीश खरोलिया, अनुज मित्तल, अजय कुमार, विभा दहिया, डा. शालिनी सिंहल, डा. पारीशा, सुनीता सांगवान, दीपिका व मंजुबाला सहित सभी प्रोफेसर उपस्थित रहे। मंच संचालन का दायित्व डॉ. कविता शर्मा, डा. अनिल सिंहल तथा सुदेश ने सफलतापूर्वक निभाया।
समापन भाषण में प्राचार्य प्रो. जगबीर सिंह श्योराण ने कहा कि कॉलेज भविष्य में खेलों के लिए और संसाधन उपलब्ध कराएगा तथा प्रतिभाशाली खिलाडिय़ों को प्रशिक्षण व मार्गदर्शन मिलेगा।
उन्होंने सफल आयोजन के लिए शारीरिक शिक्षा विभाग के प्रोफेसर वजीर सिंह गोयत, डा. कपिल शर्मा, आयोजकों, सहायकों और छात्र-स्वयंसेवकों का विशेष आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि खेल महाविद्यालय के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अंत में धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम संयोजक डा. मीतेश शर्मा ने प्रस्तुत किया।

