जिला न्यायालय परिसर में 77वें गणतंत्र दिवस गरिमामय वातावरण में मनाया गया
भिवानी।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रात: जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर. चालिया द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ हुई। ध्वजारोहण के पश्चात जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर. चालिया ने राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। इसके उपरांत उपस्थित सभी न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, कर्मचारियों एवं अन्य गणमान्य अतिथियों ने पूरे सम्मान और गर्व के साथ राष्ट्रगान का सामूहिक गायन किया। राष्ट्रगान के दौरान पूरा परिसर अनुशासन एवं देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत दिखाई दिया।
इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर. चालिया ने अपने संक्षिप्त लेकिन प्रेरणादायक संबोधन में कहा कि गणतंत्र दिवस हमें हमारे संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों और कर्तव्यों की निरंतर याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है, जो समानता, स्वतंत्रता और न्याय की मजबूत नींव पर आधारित है।
उन्होंने न्यायिक व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता तथा त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि न्यायपालिका लोकतंत्र का मजबूत स्तंभ है और समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाना हमारा परम दायित्व है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं न्यायालय कर्मचारियों ने संविधान के मूल्यों, लोकतांत्रिक आदर्शों तथा कानून के शासन को बनाए रखने की सामूहिक शपथ ली। इस शपथ के माध्यम से सभी ने अपने-अपने दायित्वों का ईमानदारी एवं निष्ठा के साथ निर्वहन करने का संकल्प लिया।
समारोह की विशेष आकर्षण स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम रहे। बच्चों ने देशभक्ति गीतों, नृत्य प्रस्तुतियों एवं लघु नाटिकाओं के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम, संविधान निर्माण और राष्ट्रीय एकता का सजीव चित्रण प्रस्तुत किया। बच्चों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया और तालियों की गूंज से न्यायालय परिसर गूंज उठा। लघु नाटिकाओं के माध्यम से बच्चों ने संविधान के महत्व, नागरिक कर्तव्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों का प्रभावी संदेश दिया।
इस गरिमामय समारोह में न्यायिक अधिकारीगण, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव, न्यायालय स्टॉफ, अधिवक्ता समुदाय तथा पुलिस बल के जवानों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। पुलिस बल द्वारा सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ अनुशासन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई। कार्यक्रम के दौरान देश की एकता, अखंडता और संविधान की सर्वोच्चता पर विशेष बल दिया गया।
कार्यक्रम के अंत में जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर. चालिया ने सभी उपस्थितजनों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमें अपने दैनिक जीवन में संविधान के आदर्शों को अपनाना चाहिए और एक सशक्त, समरस एवं न्यायपूर्ण समाज के निर्माण में अपना योगदान देना चाहिए।

