सीबीएलयू में खुलेआम भ्रष्टाचार का आरोप
भिवानी:
एनएसयूआई भिवानी द्वारा बुधवार को चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय के कुलपति कार्यालय के बाहर ज़ोरदार और आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया गया।
प्रदर्शन के दौरान परीक्षा परिणामों में भारी अनियमितताओं, री-चैकिंग में मनमानी और पैसों में पेपर करवाने जैसे गंभीर मामलों को लेकर पोस्टर लगाकर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाज़ी की गई। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष मंजीत लांगायन ने कहा कि सीबीएलयू अब शिक्षा का मंदिर नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार का केंद्र बनता जा रहा है। यहां मेहनत, काबिलियत और ईमानदारी की कोई कीमत नहीं रह गई है।
सवाल सिर्फ अंकों की गड़बड़ी का नहीं है, सवाल यह है कि गरीब, मजदूर और किसान परिवारों के उन बच्चों का भविष्य क्या होगा, जो दिन-रात मेहनत करके, किसी तरह फीस जोडक़र पढ़ाई करते हैं। उन्होंने कहा कि यहां हालात ऐसे बना दिए गए हैं कि पैसे वालों को पास किया जा रहा है और ईमानदारी से पढऩे वाले छात्रों को पहले 0-0 या 18 अंक दिखाकर फेल किया जाता है, फिर बिना किसी पारदर्शी प्रक्रिया के सीधे 30-38 अंक जोड़ दिए जाते हैं। यह साफ साबित करता है कि पूरी परीक्षा और परिणाम प्रणाली संदिग्ध है।
यह सब हरियाणा सरकार की नाक के नीचे हो रहा है। अगर सरकार आज भी चुप है, तो यह चुप्पी सीधे तौर पर इस लूट और अन्याय में उसकी जिम्मेदारी तय करती है। हृस्ढ्ढ गरीब और मेहनती छात्रों के भविष्य के साथ ऐसा खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। जरूरत पड़ी तो इस आंदोलन को प्रदेश स्तर तक ले जाया जाएगा।
इस मौके पर ऋतिक यादव, विशाल कौशिक और पूजा सैन ने संयुक्त बयान में कहा कि सीबीएलयू में री-चैकिंग व री-ईवल्यवेशन की प्रक्रिया पूरी तरह मज़ाक बन चुकी है। बिना उत्तर पुस्तिकाओं की वास्तविक जाँच के सीधे अंक बढ़ा दिए जाते हैं। पैसों में पेपर करवाने जैसी शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन प्रशासन और सरकार आंखें मूंदे बैठे हैं। यह सीधे तौर पर ईमानदार, गरीब और मेहनती छात्रों के सपनों की हत्या है। हृस्ढ्ढ भिवानी छात्रों के हक़ के लिए सडक़ से लेकर हर मंच तक संघर्ष करेगी।
एनएसयूआई ने मांग की कि सीबीएलयू की परीक्षा व परिणाम प्रणाली की उच्चस्तरीय व स्वतंत्र जाँच करवाई जाए, पैसों में पेपर करवाने के आरोपों की गहन और निष्पक्ष जाँच हो, दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों और संरक्षण देने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए, भविष्य में किसी भी छात्र के साथ ऐसा अन्याय न हो, इसके लिए पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाए। एनएसयूआई भिवानी ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति या पद के खिलाफ नहीं, बल्कि गरीब, मजदूर, किसान और आम छात्रों के हक़, सम्मान और भविष्य की लड़ाई है। जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलता, आंदोलन जारी रहेगा। इस अवसर पर सूरज बागड़ी, अंजलि , रवि संबरवाल, जतिन, सौरभ, कविता , मीनाक्षी, कोमल, दीपक गुलिया, साहिल वालिया, अमित, सुमित, अक्षय, सनी, अभिषेक, कोमल शर्मा, संजना सहित अन्य छात्र मौजूद रहे।

