Rocky Book Gaming App Fraud: 'ऑपरेशन ट्रैकडाउन' में अंबाला साइबर पुलिस को सफलता, 186 ATM और पासबुक बरामद

अंबाला साइबर पुलिस ने 'रॉकी बुक' ऑनलाइन गेमिंग ऐप के जरिए 5 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर मध्य प्रदेश से 2 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया।

 
मध्य प्रदेश साइबर ठग गिरफ्तार

अंबाला : अंबाला साइबर पुलिस ने करोड़ों रुपये की ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मध्य प्रदेश से 2 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर 'रॉकी बुक' नामक ऑनलाइन गेमिंग ऐप के जरिए लोगों को अरबों रुपये कमाने का झांसा देकर करीब 5 करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने का आरोप है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी संख्या में एटीएम कार्ड, पासबुक, चेक बुक, जाली मोहरें, सिम कार्ड और नकदी भी बरामद की है।

मिली जानकारी के अनुसार अंबाला पुलिस ने ऑपरेशन ट्रेकटाउन के तहत मध्य प्रदेश से गिरोह के दो मुख्य आरोपियों केतन सोनी और विवेक सिंह जट्ट को गिरफ्तार किया है। दोनों पर ऑनलाइन गेमिंग ऐप रॉकी बुक के जरिए लोगों को मोटे मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार अंबाला शहर निवासी हेमंत ने 5 मार्च 2026 को साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत में बताया गया कि ठगों ने ऑनलाइन गेमिंग ऐप के माध्यम से अरबों रुपये कमाने का झांसा देकर उनकी जीवनभर की जमा पूंजी के साथ-साथ दोस्तों और रिश्तेदारों के पैसे मिलाकर करीब 5 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। जांच के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों को 31 जुलाई को गिरफ्तार किया। 

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आरोपी केतन सोनी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया, जबकि विवेक सिंह जट्ट को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई। रिमांड के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 186 एटीएम कार्ड, 26 बैंक पासबुक, 26 चेक बुक, 3 मोहरें, 2 सिम कार्ड और भारी मात्रा में नकदी बरामद की।

 इस मामले में अब तक कुल 5 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी विवेक सिंह जट्ट का सीधा संपर्क विदेश में बैठे साइबर ठगों से था। वह मध्य प्रदेश से पूरे साइबर फ्रॉड नेटवर्क का संचालन करता था और भारत से ठगी गई रकम अलग-अलग माध्यमों से विदेश में बैठे सरगनाओं तक पहुंचाता था। इसके बदले उसे मोटा कमीशन मिलता था।

फिलहाल अंबाला साइबर पुलिस इस पूरे अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। पुलिस का कहना है कि विदेश में बैठे मुख्य सरगनाओं की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाने के लिए कार्रवाई जारी है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।